आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी कैपरी ग्लोबल कैपिटल लि. का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दोगुना होकर 353.4 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से आय बढ़ने से कंपनी का लाभ बढ़ा है।
कंपनी ने शेयर बाजारों को यह जानकार दी। एक साल पहले 2025-26 की इसी तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 174.9 करोड़ रुपये रहा था।
कैपरी ग्लोबल की शुद्ध ब्याज आय 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में 79 प्रतिशत बढ़कर 736.4 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 412.5 करोड़ रुपये थी।
कंपनी की गैर-ब्याज आय बढ़कर आलोच्य तिमाही में 216.9 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में 169.2 करोड़ रुपये थी।
आलोच्य तिमाही में कंपनी का परिचालन खर्च 56 प्रतिशत बढ़कर 421.2 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 270.2 करोड़ रुपये था।
कंपनी की संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार हुआ और शुद्ध एनपीए यानी फंसा कर्ज चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घटकर 0.6 प्रतिशत रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में एक प्रतिशत था।
कैपरी ग्लोबल के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां जून, 2026 को समाप्त तिमाही में 62 प्रतिशत बढ़कर 40,111.6 करोड़ रुपये हो गईं।
कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश शर्मा ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया है। प्रमुख ऋण श्रेणियों में प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई, जिसे विविधीकृत और खुदरा कारोबार का समर्थन मिला।’’
उन्होंने कहा कि उच्च प्रतिफल वाले उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ने, शुल्क आय में निरंतर वृद्धि और उत्पादकता में सुधार के कारण लागत दक्षता बेहतर होने से तिमाही के दौरान मार्जिन बेहतर होने से लाभ बढ़ा है।