आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट आई और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 353 अंक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 51 अंक के नुकसान में रहा। कच्चे तेल के दाम में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत ब्याज दर पर फैसले से पहले सतर्क रुख के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 352.64 अंक यानी 0.48 प्रतिशत टूटकर 73,246.03 अंक पर बंद हुआ। हालांकि, कारोबार के दौरान इसमें भारी गिरावट आई थी जिसकी काफी हद तक भरपाई हो गई। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 995.1 अंक लुढ़क गया था।
एनएसई निफ्टी भी 50.90 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,698.85 अंक पर बंद हुआ।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर कारोबार के पहले 1,119 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले करीब 27 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स बाजार पूंजीकरण के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई। इसका बाजार पूंजीकरण 13 लाख करोड़ रुपये रहा।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 3.46 प्रतिशत, इन्फोसिस 3.34 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.83 प्रतिशत, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 1.68 प्रतिशत, भारती एयरटेल 1.42 प्रतिशत और टाटा स्टील 1.37 प्रतिशत नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ, इंजीनियरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के शेयर में करीब चार प्रतिशत की तेजी रही। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 32.5 प्रतिशत बढ़कर 5,202.10 करोड़ रुपये रहा है।