आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ। यह सात पैसे की बढ़त के साथ 94.92 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक के हाजिर बाजार में डॉलर की मांग रोकने के लिए उठाए गए कदमों से रुपये में तेजी आई।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी ने रुपये की बढ़त को सीमित किया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 94.75 पर खुला। कारोबार के दौरान 94.71 का उच्च स्तर और 95.06 का निचला स्तर छुआ तथा अंत में पिछले बंद भाव से सात पैसे चढ़कर 94.92 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 94.99 पर बंद हुआ था।
चॉइस ब्रोकिंग की जिंस तकनीकी विश्लेषक कावेरी मोरे ने कहा, ''रुपया अब 94 के आसपास एक महत्वपूर्ण समर्थन दायरे के करीब पहुंच रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और विदेशी कोषों की लगातार निकासी ने आरबीआई को अपने हस्तक्षेप तेज करने के लिए प्रेरित किया है।''
उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ाने के लिए आठ जून को विशेष उपायों के प्रभावी होने के बाद से आरबीआई ने हाजिर बाजार में डॉलर बिक्री और डॉलर-रुपया अदला-बदली के जरिये कथित तौर पर लगभग 75 से 80 अरब डॉलर झोंके हैं।
मोरे ने कहा, ''आने वाले दिनों में रुपये की दिशा आरबीआई के हस्तक्षेप, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल तथा विदेशी निवेशक प्रवाह की रफ्तार पर निर्भर करेगी।''
इसबीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.445 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 105.56 डॉलर प्रति बैरल पर था।