IT शेयरों में तेजी से सेंसेक्स 400 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,100 पार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 16-10-2026
Dalal Street extends recovery; Sensex ends over 400 pts, Nifty above 23,100; IT lead gains
Dalal Street extends recovery; Sensex ends over 400 pts, Nifty above 23,100; IT lead gains

 

मुंबई (महाराष्ट्र)
 
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। लगातार दूसरे सत्र में बाजार में सुधार देखने को मिला, जिसमें सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक उछला और निफ्टी 23,100 के स्तर के पार पहुंच गया। इस सुधार में IT शेयरों की अहम भूमिका रही, और कंपनियों के अच्छे नतीजों से मिले मोमेंटम के चलते इन सूचकांकों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। सेंसेक्स 74,729.27 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव 74,315.61 के मुकाबले 413.66 अंक या 0.56 प्रतिशत अधिक है। वहीं, निफ्टी 23,146.15 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव 22,997.35 के मुकाबले 148.80 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
 
बाजार के अधिकांश व्यापक सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। सेक्टर के हिसाब से देखें तो, 'निफ्टी IT' सबसे ज्यादा बढ़त के साथ 3.92 प्रतिशत ऊपर रहा। इसके बाद सीमेंट और मीडिया सेक्टर का नंबर रहा, जबकि अन्य कई सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। BSE पर टेक महिंद्रा, TCS, इंफोसिस, भारती एयरटेल, M&M, बजाज फाइनेंस, HCL टेक, मारुति, टाइटन, पावर ग्रिड, एटरनल और ट्रेंट जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। दूसरी ओर, इंडिगो, रिलायंस, ITC, कोटक बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, BEL, एक्सिस बैंक, HDFC बैंक, SBIN और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
 
इसी तरह, NSE पर टेक महिंद्रा, TCS, इंफोसिस, भारती एयरटेल, HCL टेक, M&M, बजाज फाइनेंस, हिंडाल्को, JSW स्टील, ग्रासिम, एटरनल, ICICI बैंक, HDFC लाइफ और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। वहीं, इंडिगो, BSE, मैक्स हेल्थ, ONGC, नेस्ले, रिलायंस, सिप्ला और कोल इंडिया जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च के SVP, अजीत मिश्रा ने कहा, "बाजार की शुरुआत सपाट रही, लेकिन बाद में कुछ बड़े शेयरों, खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला। इसके बाद बाजार एक सीमित दायरे में आ गया, लेकिन अपनी ज्यादातर बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा। अंत में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही दिन के अपने उच्चतम स्तर के करीब बंद हुए, जो प्रमुख शेयरों में बनी मजबूती को दर्शाता है।"
 
सेक्टर के मोर्चे पर, मिश्रा ने आगे कहा, "IT शेयरों में लगातार चौथे सत्र में तेजी रही। तिमाही नतीजों से मिले मोमेंटम के चलते इनमें करीब 4% की बढ़ोतरी देखी गई। मेटल और ऑटो शेयरों ने भी बाजार के सकारात्मक रुख में योगदान दिया।" हालांकि, उन्होंने बताया कि कुछ FMCG, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर के बड़े शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) लगातार दूसरे सत्र में सुस्त रहा, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक लगभग सपाट बंद हुए।
 
उन्होंने कहा, "तिमाही नतीजों के बाद IT शेयरों में आई तेजी बाजार की रिकवरी का मुख्य कारण रही है, जबकि अन्य सेक्टरों ने भी इसमें मददगार भूमिका निभाई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ, जिससे घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा। इसके अलावा, लगातार बनी हुई महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंताएं अभी भी सतर्क रहने का संकेत दे रही हैं।" इस रिपोर्ट के समय, ब्रेंट क्रूड लगभग 105.58 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
 
उन्होंने कहा कि आगे चलकर, बाजार प्रमुख बैंकिंग कंपनियों के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। मार्केट एनालिस्ट विपिन डिक्सना ने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि IT शेयरों की मजबूती और अन्य सेक्टरों में सतर्कता के बीच एक अंतर (डाइवर्जेंस) दिख रहा है। मजबूत तिमाही नतीजे कुछ कंपनियों में निवेश के मौके बना रहे हैं, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक स्तर पर लगातार बनी महंगाई की चिंताएं निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं।" उन्होंने आगे कहा, "फंडामेंटल नजरिए से देखें तो, बाजार का अगला चरण इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या कंपनियों की कमाई उनके वैल्यूएशन को सही ठहरा पाती है और निवेशकों का भरोसा बनाए रख पाती है। मजबूत अर्निंग ग्रोथ, बेहतर कैश फ्लो, नियंत्रित कर्ज और बेहतर होते ऑपरेटिंग मार्जिन, अल्पकालिक प्राइस मोमेंटम (कीमतों में उतार-चढ़ाव) की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण होंगे।"