Govt clears Rs 1,195 crore investment plans to upgrade 25 ITIs in Maharashtra, Odisha, J&K
नई दिल्ली
सरकार ने महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में 25 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को अपग्रेड करने के लिए 1,194.92 करोड़ रुपये की निवेश योजनाओं को मंजूरी दी है। यह पहल पांच उद्योग भागीदारों (जिनमें टाटा स्टील फाउंडेशन और बेलराइज इंडस्ट्रीज शामिल हैं) के साथ मिलकर की गई है, जिसका उद्देश्य व्यावसायिक प्रशिक्षण को मजबूत करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, यह मंजूरी शुक्रवार को 'प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs' (PM-SETU) योजना की छठी राष्ट्रीय संचालन समिति (National Steering Committee) की बैठक में दी गई। इस नई मंजूरी के साथ, इस योजना के तहत कुल स्वीकृत निवेश अब 3,687 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इन पांच स्वीकृत योजनाओं में महाराष्ट्र के पुणे और छत्रपति संभाजीनगर, ओडिशा के कटक, तथा जम्मू-कश्मीर के जम्मू और श्रीनगर में स्थित ITI क्लस्टर शामिल हैं। प्रत्येक क्लस्टर में एक 'हब ITI' और उससे जुड़े चार अन्य संस्थान शामिल हैं।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा, "राष्ट्रीय संचालन समिति द्वारा दी गई ये मंजूरियां PM-SETU को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे ITI को मजबूत करने, प्रशिक्षण में सुधार लाने और उद्योग की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।" स्वीकृत परियोजनाओं में, पुणे को BVG इंडिया के साथ साझेदारी में 241 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि ओडिशा के कटक क्लस्टर को टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ साझेदारी में 240.50 करोड़ रुपये मिले हैं। छत्रपति संभाजीनगर क्लस्टर के लिए बेलराइज इंडस्ट्रीज के साथ 238.01 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं, जम्मू और श्रीनगर क्लस्टर्स को क्रमशः ईगल इंफ्रा इंडिया और इंद्रदीप इंफ्रा इंडिया के साथ साझेदारी में 240 करोड़ रुपये और 235.41 करोड़ रुपये मिले हैं।
इन परियोजनाओं का मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे (infrastructure) को अपग्रेड करने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम शुरू करने, प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और उद्योग की भागीदारी को मजबूत करने पर होगा, ताकि व्यावसायिक प्रशिक्षण और नियोक्ताओं की कौशल संबंधी जरूरतों के बीच के अंतर को कम किया जा सके।
मुखर्जी ने क्लस्टर्स से यह भी आग्रह किया कि वे ISO प्रमाणन प्राप्त करने का प्रयास करें और अपनी योजनाओं में कम से कम एक ऐसा ट्रेड या कौशल क्षेत्र शामिल करें जो 'वर्ल्डस्किल्स' (WorldSkills) मानकों के अनुरूप हो। समिति ने 'ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स' कार्यक्रम की भी समीक्षा की, जिसके तहत अक्टूबर 2026 तक 'नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स' के माध्यम से 3,744 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया था।