आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिकी मुद्रा में मजबूती और घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के रुख के बीच रुपये ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और बृहस्पतिवार को कारोबार के अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे टूटकर 95.55 (अस्थायी) पर आ गया।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक बाजार में अमेरिकी मुद्रा की व्यापक मजबूती ने कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मिले समर्थन को बेअसर कर दिया।
ईरान और ओमान के बीच जलडमरूमध्य से होकर अस्थायी नौवहन गलियारा बनाने को लेकर जारी बातचीत के बीच ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत कई कारोबारी सत्रों में पहली बार 90 डॉलर के स्तर से नीचे आई है।
कारोबारियों ने बताया कि हालांकि अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत जारी रहने से वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान की आशंका कम हुई है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.50 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.40 के उच्च स्तर तक गया और 95.56 के निचले स्तर तक आया। अंत में यह 95.55 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा जो पिछले बंद भाव से 11 पैसे की गिरावट है।