बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव कहते हैं, ''वाणिज्यिक एलपीजी में 42 रुपये की बढ़ोतरी सामान्य है

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 01-06-2026
"Rs 42 Commercial LPG hike normal," says Bihar Minister Ram Kripal Yadav

 

पटना (बिहार) 
 
बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने सोमवार को कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में 42 रुपये की बढ़ोतरी का बचाव करते हुए इसे एक "सामान्य" और टाला न जा सकने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की पेट्रोलियम आयात पर भारी निर्भरता के कारण उठाया गया है। यादव ने कहा कि चूंकि देश के पास घरेलू उत्पादन के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और वह अपने 60% से ज़्यादा पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाज़ार के दबाव के चलते सरकार के पास ईंधन की कीमतें समायोजित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
 
ANI से बात करते हुए यादव ने कहा, "कमर्शियल LPG की कीमतों में 42 रुपये की बढ़ोतरी सामान्य बात है। हमारे पास तेल उत्पादन के अपने कोई संसाधन नहीं हैं, इसलिए हम इसके लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहते हैं। हम अपने 60% से ज़्यादा पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करते हैं। हालात ऐसे हैं कि सरकार, न चाहते हुए भी, तेल की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हो जाती है।" सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब इसकी कीमत 3113.50 रुपये हो गई है; वहीं कोलकाता में एक सिलेंडर की कीमत अब 3255.50 रुपये होगी।
नई कीमतें सोमवार, 1 जून से लागू होंगी। 5 किलोग्राम वाले FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडरों की कीमतों में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, और दिल्ली में इनकी कीमत 821.50 रुपये होगी। घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
 
यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास पेट्रोल, डीज़ल, LPG और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि हमारी सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और LPG का उत्पादन अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है, जो लगभग 90 DMT प्रतिदिन है। LPG वितरकों के पास स्टॉक खत्म होने (ड्राई आउट) की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
 
विभिन्न मंत्रालयों के बीच हुई एक ब्रीफिंग के दौरान शर्मा ने कहा, "रणनीतिक भंडारों के संबंध में भी हम काम कर रहे हैं। हमने तेल विपणन कंपनियों से कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके पास LPG का कम से कम 30 दिनों का भंडार हमेशा उपलब्ध रहे, और वे इस दिशा में काम कर रही हैं। इसी तरह, कच्चे तेल (क्रूड) के मामले में भी हम काम कर रहे हैं।" उन्होंने आपूर्ति में आने वाली बाधाओं से बचाव के लिए एहतियाती उपायों की भी रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने आश्वस्त किया कि फिलहाल किसी भी चीज़ की कोई कमी नहीं है।