उधार लेने की बढ़ती लागत वैश्विक AI विस्तार के लिए फंडिंग जोखिमों का संकेत देती है: रिपोर्ट

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 17-10-2026
Rising borrowing costs signal funding risks for global AI expansion: Report
Rising borrowing costs signal funding risks for global AI expansion: Report

 

नई दिल्ली
 
जेफ़रीज़ (Jefferies) की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश की तेजी को फंड करने में वित्तीय बाजारों पर दबाव बढ़ रहा है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने वाली कंपनियों के लिए कर्ज लेने से जुड़े जोखिम भी बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में ओरेकल (Oracle) और कोरवीव (CoreWeave) जैसी कंपनियों के लिए 'क्रेडिट रिस्क इंडिकेटर्स' (credit risk indicators) में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। इससे यह चिंता पैदा हो गई है कि क्या वित्तीय बाजार AI के विस्तार के लिए जरूरी बड़े निवेशों को सपोर्ट करना जारी रखेंगे।
 
जेफ़रीज़ के क्रिस्टोफर वुड ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट 'ग्रीड एंड फियर: K-शेप्ड स्ट्रेस, AI ट्रेमर्स एंड द हूथीज़' (GREED & fear: K-shaped stresses, AI tremors and the Houthis) में कहा है कि निवेशकों को कर्ज लेने की स्थितियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च कर रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशकों को 'क्रेडिट स्प्रेड्स' (credit spreads) पर बहुत बारीकी से नजर रखनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि कहीं बाजार अब AI में हो रहे भारी निवेश (capex boom) को फंड करने के लिए तैयार तो नहीं है।
 
'क्रेडिट स्प्रेड्स' कंपनियों को कर्ज देने से जुड़े जोखिम को दर्शाते हैं। इनमें बढ़ोतरी का मतलब आमतौर पर यह होता है कि निवेशक क्रेडिट रिस्क लेने के बदले ज्यादा रिटर्न (या मुआवजा) की मांग कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ओरेकल का 5 साल का 'क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप' (CDS) स्प्रेड 11 सितंबर को 186 बेसिस पॉइंट्स था, जो बढ़कर 288 बेसिस पॉइंट्स हो गया। इसी दौरान, कोरवीव का स्प्रेड 749 बेसिस पॉइंट्स से उछलकर 1,118 बेसिस पॉइंट्स पर पहुंच गया। रिपोर्ट में कहा गया है, "2023 की शुरुआत में जब से AI में निवेश का दौर (AI capex cycle) शुरू हुआ है, तब से ये अब तक के सबसे ऊंचे स्तर हैं।"
 
इसमें यह भी बताया गया है कि 2032 में मैच्योर होने वाले कोरवीव के बॉन्ड पर यील्ड (yield) 14.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो कंपनी के लिए फाइनेंसिंग की बढ़ती लागत को दर्शाती है। यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए डेटा सेंटर्स, कंप्यूटिंग क्षमता और इससे जुड़ी तकनीक में भारी निवेश की जरूरत होती है। कर्ज लेने की लागत बढ़ने से ऐसी परियोजनाओं के लिए फंड जुटाना और मुश्किल हो सकता है, खासकर उन कंपनियों के लिए जो बाहरी फंडिंग पर निर्भर हैं।
हालांकि, रिपोर्ट यह नहीं कहती कि AI परियोजनाओं के लिए फंडिंग पूरी तरह बंद हो गई है। बल्कि, यह बढ़ते क्रेडिट रिस्क को एक शुरुआती चेतावनी (early warning sign) के रूप में देखती है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
 
जेफ़रीज़ ने AI से जुड़ी कंपनियों की कमाई (earnings) में ग्रोथ धीमी होने की संभावना की ओर भी इशारा किया है। 13 अक्टूबर को प्रकाशित "डाइवर्सिफाइंग बियॉन्ड AI" (AI से परे विविधीकरण) नामक एक अलग शोध रिपोर्ट का हवाला देते हुए, इसमें कहा गया है कि वैश्विक AI शेयरों की कमाई में होने वाली वृद्धि, 2026 में लगभग 100 प्रतिशत से कम होकर 2027 में 30 प्रतिशत और 2028 में 22 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
 
रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक AI शेयर अपनी भविष्य की कमाई (फॉरवर्ड अर्निंग्स) के 23 गुना पर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि गैर-AI शेयर 13 गुना पर ट्रेड कर रहे हैं। यह दोनों के बीच मूल्यांकन (वैल्यूएशन) में काफी बड़ा अंतर दिखाता है। निष्कर्ष बताते हैं कि भले ही AI में निवेश काफी अधिक बना हुआ है, लेकिन बढ़ते फाइनेंसिंग जोखिम और कमाई में धीमी वृद्धि की उम्मीदें कंपनियों पर अपने खर्च को सही ठहराने का दबाव बढ़ा सकती हैं।