AI Debt, Municipal Bonds Offer Opportunities Amid Market Volatility: Goldman Sachs
नई दिल्ली
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, क्रेडिट मार्केट 2026 के अंत तक निवेश के नए अवसर दे सकते हैं। इसमें उच्च यील्ड (yield) के कारण बेहतरीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेट और म्युनिसिपल बॉन्ड में निवेश के मौके बन रहे हैं, जबकि मार्केट में कम उतार-चढ़ाव (volatility) होने से पोर्टफोलियो हेजिंग (portfolio hedging) एक आकर्षक विकल्प बन गई है। गोल्डमैन सैक्स FICC और इक्विटीज में US और एशिया क्रेडिट ट्रेडिंग के सह-प्रमुख, एलेक्स फिनस्टन ने कहा कि बढ़ती ब्याज दरों, AI से जुड़ी उधारी में बढ़ोतरी और अलग-अलग सेक्टरों के प्रदर्शन में अंतर के बावजूद, क्रेडिट मार्केट काफी मजबूत बने हुए हैं।
फर्म के 'द मार्केट्स' पॉडकास्ट में बोलते हुए, फिनस्टन ने कहा कि निवेशकों ने हाई-क्वालिटी कॉर्पोरेट डेट की लगातार मजबूत मांग दिखाई है, खासकर तब जब मार्केट कमजोर रहा हो। उन्हें उम्मीद है कि साल के अंत में, जब कंपनियों को फाइनेंसिंग की जरूरत होगी, तब निवेश के और भी मौके सामने आएंगे। फिनस्टन ने तीन मुख्य क्षेत्रों का जिक्र किया: हाई-क्वालिटी AI क्रेडिट, पोर्टफोलियो हेज और म्युनिसिपल बॉन्ड।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मार्केट में आए उतार-चढ़ाव ने हाई-क्वालिटी AI-संबंधित डेट को पहले की तुलना में कहीं बेहतर यील्ड पर खरीदने का मौका दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि मार्केट में कम उतार-चढ़ाव (low implied volatility) उन निवेशकों के लिए एक अच्छा माहौल है जो अपने पोर्टफोलियो को हेज (सुरक्षित) करना चाहते हैं।
फिनस्टन के अनुसार, क्रेडिट मार्केट 2026 तक मजबूत बने हुए हैं। पिछले 20 वर्षों के आंकड़ों को देखें, तो इन्वेस्टमेंट-ग्रेड क्रेडिट स्प्रेड अपनी रेंज के लगभग 10वें परसेंटाइल (percentile) पर हैं, जबकि लेवरेज्ड फाइनेंस स्प्रेड लगभग 25वें परसेंटाइल पर हैं।
हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अलग-अलग सेक्टरों के हालात अब काफी अलग होते जा रहे हैं। इसका कारण AI से जुड़ी उधारी, तकनीकी बदलाव और लगातार ऊंची बनी हुई ब्याज दरें हैं।
फिनस्टन ने कहा कि ब्याज दरों में धीरे-धीरे होने वाली बढ़ोतरी ने हमेशा निवेशकों को फिक्स्ड-इनकम एसेट्स की ओर आकर्षित किया है, जबकि दरों में अचानक और अनियंत्रित बदलाव मार्केट में बड़ा तनाव पैदा कर सकते हैं। अगर उधारी की लागत इतनी बढ़ जाए कि रीफाइनेंसिंग करना आर्थिक रूप से घाटे का सौदा हो जाए, तो क्रेडिट मार्केट पर दबाव आ सकता है।
उन्होंने मौजूदा माहौल को "क्रेडिट पिकर्स मार्केट" (यानी सही क्रेडिट चुनने वालों का बाजार) बताया। इसका मतलब यह है कि निवेशकों को पूरे मार्केट को एक जैसा मानने के बजाय, मजबूत और कमजोर कर्जदारों के बीच फर्क करना होगा। फिंस्टन ने म्युनिसिपल बॉन्ड (नगर निगम बॉन्ड) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में इनकी सप्लाई बढ़ने से, अच्छी रेटिंग वाली सिक्योरिटीज को ज्यादा यील्ड (रिटर्न) पर खरीदने के मौके बने हैं। उन्होंने बताया कि अच्छी क्वालिटी वाले म्युनिसिपल बॉन्ड पर टैक्स-इक्विवेलेंट यील्ड 10 प्रतिशत के करीब पहुंच रही है।
फिंस्टन ने कहा कि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लचीले रुख, साल के अंत से पहले AI से जुड़े बड़े कर्ज सौदों की संभावना, और इन सौदों के लिए फाइनेंसिंग के स्ट्रक्चर, अवधि और भौगोलिक स्रोतों पर नजर रखेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि व्यापक आर्थिक विकास की कहानी कितनी टिकाऊ बनी रहती है, यह बाजार के प्रदर्शन के लिए सबसे अहम होगा। वहीं, पूंजी और लिक्विडिटी की उपलब्धता क्रेडिट बाजारों के आउटलुक को सपोर्ट करती रहेगी।