मुंबई
वैश्विक बाजारों में व्यापक बिकवाली दबाव और अमेरिकी टैरिफ में बढ़ोतरी की चिंताओं के बीच, भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को चौथे दिन लगातार गिरावट देखने को मिली। सेंसक्स और निफ्टी में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे निवेशकों में असमंजस और चिंता बढ़ी।
बीएसई सेंसक्स 780.18 अंक (0.92 प्रतिशत) गिरकर 84,180.96 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, यह 851.04 अंक (1 प्रतिशत) गिरकर 84,110.10 तक पहुंच गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी 263.90 अंक (1.01 प्रतिशत) गिरकर 25,876.85 पर बंद हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि धातु, तेल और गैस तथा वस्तु आधारित स्टॉक्स में भारी नुकसान और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) से निरंतर धन निकासी ने बाजार में दबाव बढ़ा दिया है। प्रमुख गिरावट में लार्सन एंड टूब्रो, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और ट्रेंट शामिल हैं। वहीं, एटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के स्टॉक्स में तेजी देखी गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक संकल्प विधेयक को समर्थन दिया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। इससे चीन और भारत जैसे देशों पर दबाव बढ़ सकता है, जो रूस से सस्ता तेल खरीदते हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "अमेरिकी टैरिफ और विदेशी निवेशकों की निरंतर निकासी की चिंताओं ने घरेलू बाजारों में नुकसान को बढ़ाया है, जिससे कमाई में वृद्धि के बारे में उम्मीदों को भी दबा दिया है।"
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 225, शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट में रहे। यूरोपीय बाजार भी मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।ब्रेंट क्रूड, जो वैश्विक तेल बेंचमार्क है, 0.75 प्रतिशत बढ़कर 60.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।