Kotak Mahindra Bank gets CCI approval to acquire Deutsche Bank's retail business in India
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कोटक महिंद्रा बैंक को प्रतिस्पर्धा नियामक भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से देश में डॉयशे बैंक के खुदरा बैंकिंग, निजी बैंकिंग और संपत्ति प्रबंधन कारोबार का अधिग्रहण करने की मंजूरी मिल गई है।
इस सौदे के तहत जर्मनी के बैंक का ग्राहकों से सीधे जुड़ा कारोबार घरेलू बैंक को हस्तांतरित किया जाएगा।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत में डॉयशे बैंक की शाखाओं के जरिये संचालित कारोबार के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।
सीसीआई ने कहा, ‘‘प्रस्तावित संयोजन के तहत डॉयशे बैंक एजी (विक्रेता) की भारत स्थित शाखाओं के जरिये संचालित खुदरा बैंकिंग, निजी बैंकिंग और संपत्ति प्रबंधन कारोबार (लक्षित कारोबार) का अधिग्रहण किया जाना है।’’
आयोग ने कहा कि यह सौदा कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (अधिग्रहणकर्ता) द्वारा विक्रेता से चालू कारोबार के रूप में एकमुश्त बिक्री के आधार पर किया जाएगा।
इस सौदे में दोनों समूहों की अनुषंगी कंपनियों के बीच ‘रेफरल’ संबंधी व्यवस्था भी शामिल है। इसके तहत डॉयशे इन्वेस्टमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निवेश सलाहकार तथा पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा कारोबार के ग्राहकों को कोटक महिंद्रा बैंक की संबंधित पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनियों के पास भेजा जाएगा।
डॉयशे इन्वेस्टमेंट्स इंडिया, डॉयशे बैंक की अप्रत्यक्ष पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है।
कोटक महिंद्रा बैंक और डॉयशे बैंक एजी ने अपनी भारतीय शाखा के जरिये जून में बताया था कि उन्होंने एक निश्चित समझौता किया है। इसके तहत कोटक देश में डॉयशे बैंक के खुदरा बैंकिंग, समृद्ध ग्राहकों से जुड़ी निजी बैंकिंग और संपत्ति प्रबंधन कारोबार का अधिग्रहण करेगा।
दोनों बैंकों ने कहा था कि इस कारोबार में करीब 29,000 करोड़ रुपये (लगभग 2.7 अरब यूरो) के ऋण, 16,000 करोड़ रुपये (करीब 1.5 अरब यूरो) की जमा और 10,500 करोड़ रुपये (लगभग एक अरब यूरो) की प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां शामिल हैं।
वर्ष 1985 में स्थापित कोटक महिंद्रा समूह भारत के प्रमुख विविधीकृत और एकीकृत वित्तीय सेवा समूहों में से एक है।
डॉयशे बैंक जर्मनी का प्रमुख बैंक है। यूरोप में उसकी मजबूत मौजूदगी है और अमेरिका महाद्वीप तथा एशिया प्रशांत क्षेत्र में भी उसका व्यापक कारोबार है।