बेंगलुरु (कर्नाटक)
ताइवान के वित्त मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, शुक्रवार को ताइवान और भारत ने पब्लिक फाइनेंस (सार्वजनिक वित्त) में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस MoU पर बेंगलुरु में ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर इन इंडिया के डिप्टी रिप्रेजेंटेटिव मुमिन चेन और इंडिया-ताइपे एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल निनाद एस. देशपांडे ने हस्ताक्षर किए। जारी बयान के अनुसार, यह MoU दोनों देशों के बीच पब्लिक फाइनेंस में मौजूदा सहयोग को मजबूत करता है और ज्ञान व विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए एक नियमित संस्थागत तंत्र स्थापित करता है, जिससे द्विपक्षीय वित्तीय सहयोग मजबूत होगा।
बयान में कहा गया है, "वित्त मंत्रालय (MOF) ने आगे बताया कि MoU हस्ताक्षर की तारीख (यानी 28 अगस्त, 2026) से लागू होगा, जो द्विपक्षीय वित्तीय आदान-प्रदान के लिए एक व्यवस्थित तंत्र स्थापित करेगा और आदान-प्रदान व सहयोग को और गहरा करने में फायदेमंद होगा।" भारत और ताइवान एक नए MoU के माध्यम से पब्लिक फाइनेंस पर अपने सहयोग का विस्तार कर रहे हैं, जो 2011 में दोहरे कराधान और सीमा शुल्क सहायता पर हस्ताक्षरित समझौतों पर आधारित है।
बयान में कहा गया है कि यह MoU कराधान, सीमा शुल्क, ट्रेजरी मामलों, राष्ट्रीय संपत्ति प्रबंधन, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करता है। इसमें आगे कहा गया, "आगे बढ़ते हुए, दोनों पक्ष द्विपक्षीय बैठकों, सेमिनारों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी और आपसी परामर्श के माध्यम से पेशेवर आदान-प्रदान और अनुभव साझा करने की प्रक्रिया को गहरा करेंगे।"
ताइवानी कंपनियों ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकोसिस्टम को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फॉक्सकॉन, जो एक प्रमुख वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता और एप्पल (Apple) का मुख्य आपूर्तिकर्ता है, ने हाल के वर्षों में भारत में अपने कामकाज का काफी विस्तार किया है।
इसके अलावा, भारत-ताइवान आर्थिक संबंध 1995 से हैं, जब दोनों पक्षों ने प्रतिनिधि कार्यालय स्थापित किए थे - ताइपे में इंडिया-ताइपे एसोसिएशन (ITA) और नई दिल्ली में ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर (TECC)।
भारत में ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में ताइवान और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 12.514 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो 2024 में 10.609 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 17.95 प्रतिशत अधिक है। इसमें बताया गया कि 2025 में भारत ताइवान का 15वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था। भारत को ताइवान का एक्सपोर्ट 16.74% बढ़कर 9.212 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जिससे भारत उसका 11वां सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट बन गया; वहीं, भारत से इम्पोर्ट 21.46% बढ़कर 3.302 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जिससे भारत ताइवान का 21वां सबसे बड़ा इम्पोर्ट सोर्स बन गया।