Indian hotel industry outlook bright for second half of FY27 on leisure, travel recovery: Report
नई दिल्ली
फिलिपकैपिटल की एक सेक्टर रिपोर्ट के अनुसार, भारत के होटल उद्योग में FY27 की दूसरी छमाही में तेज़ी से विकास होने का अनुमान है। इसकी वजह घरेलू स्तर पर घूमने-फिरने (leisure) की मज़बूत मांग और कॉर्पोरेट व अंतरराष्ट्रीय यात्रा में लगातार सुधार है। रिपोर्ट के अनुसार, भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद पहली तिमाही में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मज़बूत बना रहा। उद्योग में ऑक्यूपेंसी (कमरों की भराई) में साल-दर-साल 2-4 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई, औसत कमरे के किराए (ARR) में 6-8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और प्रति उपलब्ध कमरे से राजस्व (RevPAR) में 11-13 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाली तिमाहियों में रिकवरी और मज़बूत हो सकती है। इसके पीछे शादियों के ज़्यादा कार्यक्रम, मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्ज़िबिशन (MICE) गतिविधियों में सुधार और अक्टूबर से अंतरराष्ट्रीय यात्रा में मौसमी वृद्धि जैसे कारण हैं। मांग बढ़ने के साथ प्रमुख बाज़ारों में नए होटलों की सीमित सप्लाई भी कमरे के किराए और RevPAR को सहारा दे सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "Q2FY27 के लिए मांग का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। घरेलू स्तर पर घूमने-फिरने की मांग मज़बूत है, कॉर्पोरेट यात्रा धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और कनेक्टिविटी में सुधार के साथ अंतरराष्ट्रीय मांग में भी सुधार हो रहा है।"
रिपोर्ट में बताया गया है कि Q1FY27 के दौरान बिज़नेस-केंद्रित जगहों की तुलना में घूमने-फिरने (leisure) वाले बाज़ारों में मांग ज़्यादा मज़बूत थी। इंडियन होटल्स के लिए राजस्थान और गोवा में RevPAR में 20 प्रतिशत से ज़्यादा की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि शैले होटल्स के रिसॉर्ट्स में RevPAR में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इसके बिज़नेस होटलों में यह वृद्धि लगभग 5 प्रतिशत थी। लीला होटल्स के रिसॉर्ट्स में भी RevPAR में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि शहर के होटलों में यह 14 प्रतिशत थी।
कॉर्पोरेट यात्रा थोड़ी धीमी रही, जिसका आंशिक कारण भू-राजनीतिक अनिश्चितता और यात्रा के लिए कड़े बजट थे, जबकि अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक पश्चिमी एशिया संघर्ष से जुड़ी बाधाओं से प्रभावित हुआ।
हवाई यात्रियों की आवाजाही के आंकड़ों से पता चला है कि Q1FY27 में घरेलू ट्रैफिक साल-दर-साल केवल 1.2 प्रतिशत बढ़कर 86.3 मिलियन हो गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक लगभग 10.2 प्रतिशत घटकर 17.9 मिलियन रह गया। कुल यात्रियों की आवाजाही लगभग 0.9 प्रतिशत घटकर 104.2 मिलियन रह गई।
हालांकि, फिलिपकैपिटल ने कहा कि तिमाही आगे बढ़ने के साथ मासिक रुझान में सुधार हुआ। मई में घरेलू यात्रियों की संख्या में 7.7% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन जून में इसमें 1.2% की गिरावट देखी गई। वहीं, इंटरनेशनल ट्रैफिक में गिरावट फरवरी के 18.3% से घटकर जून में 4.7% रह गई।
जिन कंपनियों का डेटा लिया गया, उनमें से 'लीला' ने Q1FY27 में 28% रेवेन्यू ग्रोथ और 41% EBITDA ग्रोथ दर्ज की, जबकि 'इंडियन होटल्स' का रेवेन्यू 15% और EBITDA 18% बढ़ा। 'ITC होटल्स' का RevPAR 8% बढ़ा, जबकि 'लेमन ट्री' की ऑक्यूपेंसी में 314 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जियो-पॉलिटिकल उथल-पुथल और सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारतीय होटल इंडस्ट्री ने Q1FY27 में अच्छी ग्रोथ दिखाई। साथ ही, जिन मार्केट में ऑक्यूपेंसी कम हुई, वहां भी इंडस्ट्री की कीमतें स्थिर रहीं।