BRICS ने क्रिएटिव इकॉनमी और एथिकल AI सहयोग का रोडमैप बनाया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 06-08-2026
BRICS Waves Bazaar charts roadmap for creative economy, co-production and ethical AI collaboration
BRICS Waves Bazaar charts roadmap for creative economy, co-production and ethical AI collaboration

 

मुंबई

मुंबई में BRICS वेव्स बाज़ार में वरिष्ठ राजनयिकों, नीति-निर्माताओं और इंडस्ट्री लीडर्स ने ग्लोबल क्रिएटिव इकॉनमी में गहरे सहयोग की मांग की। उन्होंने 'ग्लोबल साउथ' से कहानी कहने की कला को बढ़ावा देने के लिए आसान को-प्रोडक्शन नीतियों, मज़बूत क्रॉस-बॉर्डर डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क और नैतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फ्रेमवर्क की वकालत की।
 
BRICS वेव्स बाज़ार ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MoIB), विदेश मंत्रालय (MEA), महाराष्ट्र सरकार और इंडोनेशियाई वाणिज्य दूतावास के प्रतिनिधियों को एक साथ लाया। इसका मकसद सांस्कृतिक विरासत को बचाते हुए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके क्रिएटिव व्यापार को मज़बूत करने के तरीकों पर चर्चा करना था। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने BRICS वेव्स बाज़ार को ग्लोबल क्रिएटिव इकॉनमी के भविष्य को आकार देने वाला एक मंच बताया और एक बड़े प्रोडक्शन हब के तौर पर राज्य की भूमिका पर ज़ोर दिया।
 
शेलार ने कहा, "BRICS वेव्स बाज़ार सिर्फ़ एक प्रदर्शनी नहीं है; यह ग्लोबल क्रिएटिव इकॉनमी के भविष्य को आकार देने के लिए बनाया गया एक अहम मिलन स्थल है।"
उन्होंने कहा कि भारत देश की सांस्कृतिक विविधता को ग्लोबल मंच पर ले जाकर "ऑरेंज इकॉनमी" को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग संस्कृतियों की कहानियाँ 'सॉफ्ट पावर' का एक अहम ज़रिया हैं और मज़बूत राजनयिक संबंध बनाने में मदद करती हैं।
 
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा कि स्थानीय कहानियों में ग्लोबल दर्शकों से जुड़ने की क्षमता है। उन्होंने BRICS देशों से फ़िल्म, एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स (VFX) और गेमिंग में कमर्शियल पार्टनरशिप को मज़बूत करने का आग्रह किया। कुमार ने कहा, "BRICS वेव्स बाज़ार क्रिएटर्स और खरीदारों, विचारों और पूंजी, कंटेंट और टेक्नोलॉजी को एक साथ लाता है।" उन्होंने कहा कि भारत 2027 में मुंबई में WAVES समिट की मेज़बानी करने से पहले मज़बूत क्रिएटिव इंडस्ट्री प्लेटफ़ॉर्म बनाने का अपना अनुभव साझा करने के लिए तैयार है।
 
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (MER) राजीव बोडवाडे ने कहा कि ग्लोबलाइज़ेशन को डिजिटल व्यापार के मौकों को बढ़ाते हुए स्थानीय पहचान, पारंपरिक मूल्यों और स्वदेशी शिल्प को बचाने की कोशिशों का पूरक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी कंटेंट और डिजिटल इंडस्ट्रीज़ में मज़बूत क्रिएटिव वैल्यू चेन बनाने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि BRICS के तहत क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़ वर्किंग ग्रुप सदस्य देशों की महिला क्रिएटर्स के लिए बाज़ार तक पहुँच आसान बना रहा है।
 
ANI से बात करते हुए, मुंबई में इंडोनेशिया गणराज्य के महावाणिज्य दूत जोकी अप्राइंडा सिरेगर ने शांति, सहनशीलता और सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों पर आधारित कंटेंट को बढ़ावा देने और साथ ही इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) सुरक्षा को मज़बूत करने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़िम्मेदार इस्तेमाल की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि AI इंसानों के कंट्रोल में रहना चाहिए और सरकारों तथा इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि इस टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल न हो और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (बौद्धिक संपदा अधिकारों) की सुरक्षा हो सके।
 
ब्रिक्स वेव्स बाज़ार में हुई चर्चाओं में को-प्रोडक्शन समझौतों को संस्थागत बनाने, इंटरनेशनल कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करने और बढ़े हुए ब्रिक्स+ ग्रुप में लंबे समय की मीडिया और एंटरटेनमेंट पार्टनरशिप को मज़बूत करने पर भी ध्यान दिया गया।