आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) ने बुधवार को कहा कि उसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के कारोबारी बी आर शेट्टी की ओर से दायर किसी मुकदमे का नोटिस नहीं मिला है। खबरों के मुताबिक, शेट्टी ने अपने कारोबारी समूह के पतन के मामले में बैंक से 15 अरब अमेरिकी डॉलर के क्षतिपूर्ति की मांग की है।
बैंक ने कहा कि मुकदमे का नोटिस मिलने पर वह अपना पक्ष मजबूती से रखेगा और अपने हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
खबरों के अनुसार, शेट्टी ने 13 अक्टूबर को बंबई उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर कर क्षतिपूर्ति की मांग की। एनएमसी हेल्थ के संस्थापक शेट्टी ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि बैंक ऑफ बड़ौदा, उसके कई अधिकारियों और अन्य लोगों ने ऐसे लेनदेन में मदद की, जिनके कारण उनका कारोबारी समूह ढह गया।
यूएई की स्वास्थ्य सेवा कंपनी एनएमसी हेल्थ को 2020 में दिवालिया घोषित कर दिया गया था। उस समय पता चला था कि कंपनी ने चार अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का कर्ज छिपाया था। बैंक ऑफ बड़ौदा के अलावा अबू धाबी कमर्शियल बैंक, अबू धाबी इस्लामिक बैंक, दुबई इस्लामिक बैंक और अमीरात एनबीडी सहित कई अन्य बैंक भी कंपनी के ऋणदाता थे।