पश्चिम एशिया संकट के बीच विमानन कंपनियां सतर्क, यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-03-2026
Airlines on high alert amid West Asia crisis, special arrangements for passenger safety
Airlines on high alert amid West Asia crisis, special arrangements for passenger safety

 

मुंबई।

पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत सरकार और विमानन कंपनियां हवाई यात्रा पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नागर विमानन मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि क्षेत्र में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय विमानन कंपनियां परिचालन संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं कर रही हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा सेवाओं को व्यवस्थित रखा जा सके।

मंत्रालय के अनुसार, सरकार इस स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है। नागर विमानन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu स्वयं इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं और त्वरित व समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए विमानन कंपनियों तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 9 मार्च को भारतीय विमानन कंपनियों ने पश्चिम एशिया से कुल 45 उड़ानों का संचालन किया, जिनके माध्यम से 7,047 यात्रियों को सुरक्षित रूप से वहां से बाहर निकाला गया। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया।

इस बीच Air India और उसकी सहायक कंपनी Air India Express ने जानकारी दी कि दोनों कंपनियां मिलकर 11 मार्च को पश्चिम एशिया के लिए आने-जाने वाली कुल 58 निर्धारित और विशेष उड़ानों का संचालन करेंगी। इन उड़ानों के माध्यम से यात्रियों की यात्रा व्यवस्था को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

दरअसल, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष की स्थिति को देखते हुए कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। इनमें ईरान, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर और जॉर्डन शामिल हैं। इन देशों द्वारा 28 फरवरी से हवाई क्षेत्र बंद करने के फैसले का असर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है।

इसका प्रभाव दक्षिण एशिया के कुछ हवाई अड्डों पर भी देखा गया है। उदाहरण के लिए, Hazrat Shahjalal International Airport से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार 28 फरवरी से 10 मार्च के बीच कुल 391 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।

बुधवार को ही कुवैत एयर, एयर अरबिया, गल्फ एयर, कतर एयरवेज, अमीरात एयरलाइंस, जज़ीरा एयर और फ्लाईदुबई जैसी कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस की उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का वैश्विक हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है। हालांकि भारतीय सरकार और विमानन कंपनियां यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।