AI में निवेश और सरकारी कर्ज से दुनिया भर में पूंजी की लागत बढ़ रही है: Goldman Sachs

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 19-09-2026
AI investment, government borrowing drive global cost of capital higher: Goldman Sachs
AI investment, government borrowing drive global cost of capital higher: Goldman Sachs

 

नई दिल्ली 

गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च और सरकार की ज़्यादा उधारी के कारण कैपिटल (पूंजी) की ग्लोबल लागत बढ़ रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कंपनियाँ निवेश के लिए ज़्यादा डेट (कर्ज़) और इक्विटी जुटा रही हैं, जबकि सरकारें इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी सिक्योरिटी और डिफेंस के लिए उधारी बढ़ा रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशकों के बीच चर्चा के दो मुख्य विषय - AI और बढ़ती ब्याज दरें - तेज़ी से एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं क्योंकि प्राइवेट और पब्लिक दोनों सेक्टर में कैपिटल की मांग बढ़ रही है।
 
रिपोर्ट में कहा गया है, "प्राइवेट सेक्टर में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) में भारी बढ़ोतरी ने फ्री कैश फ्लो को कम कर दिया है और कंपनियों को डेट और इक्विटी मार्केट से ज़्यादा फंड जुटाने के लिए मजबूर किया है।" साथ ही, सरकार की ज़्यादा उधारी और एनर्जी की कीमतों से महंगाई का दबाव भी फंडिंग की लागत बढ़ने की वजह बना है। गोल्डमैन सैक्स ने बताया कि 2022 में जर्मनी और जापान में 30 साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड लगभग शून्य थे, जबकि उसके बाद से ज़्यादा यील्ड और जियोपॉलिटिक्स व AI को लेकर अनिश्चितता के कारण कैपिटल की लागत बढ़ गई है। इसका असर कॉर्पोरेट फाइनेंसिंग में पहले ही दिख रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी तिमाही में AA-रेटेड जारीकर्ताओं (issuers) द्वारा कैपिटल एक्सपेंडिचर में साल-दर-साल 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह लगातार 10वीं तिमाही थी जब कुल AA capex ग्रोथ 35 प्रतिशत से ज़्यादा रही।
 
कंपनियाँ निवेश के लिए क्रेडिट और इक्विटी मार्केट का भी ज़्यादा इस्तेमाल कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक US में कन्वर्टिबल बॉन्ड जारी करने की कुल राशि 135 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गई है, जिसमें AI से जुड़े उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत है। गोल्डमैन सैक्स की क्रेडिट टीम ने पूरे साल के लिए US इन्वेस्टमेंट-ग्रेड ग्रॉस इश्यूएंस (कुल जारी करने) का अनुमान 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर बढ़ाकर 2.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया है। इस साल US इन्वेस्टमेंट-ग्रेड ग्रॉस सप्लाई में AI से जुड़े जारीकर्ताओं की हिस्सेदारी लगभग एक-चौथाई है।
 
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर कमाई में बढ़ोतरी धीमी होती है, तो फंडिंग की ज़्यादा लागत इक्विटी पर दबाव डाल सकती है। हालाँकि टेक्नोलॉजी कंपनियों के वैल्यूएशन में कमी आई है और वे ग्लोबल स्तर पर अपने 20 साल के मीडियन (मध्यमान) से नीचे हैं, लेकिन मुख्य जोखिम यह है कि क्या कमाई में मौजूदा मजबूती बनी रहेगी। रिपोर्ट में कहा गया है, "फिर भी, कैपिटल की बहुत ज़्यादा लागत वाले माहौल में मुनाफ़े की ग्रोथ में कोई भी कमी इक्विटी की कीमतों पर दबाव डाल सकती है।" गोल्डमैन सैक्स का मानना ​​है कि इक्विटी के प्रदर्शन में कमाई और नॉमिनल GDP की ग्रोथ अहम भूमिका निभाती रहेगी, साथ ही बैंक ने यह भी कहा कि बॉन्ड यील्ड बढ़ने से वैल्यूएशन में और बढ़ोतरी सीमित हो सकती है। बैंक ने कहा कि जैसे-जैसे कमाई की ग्रोथ का दायरा बढ़ रहा है, अलग-अलग इलाकों, सेक्टर और फैक्टर्स में नए मौके भी बन रहे हैं।