हंसराज कॉलेज फेस्ट में झड़प: दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 28-04-2026
Clash at Hansraj College Fest: Delhi Police Registers FIR, Investigation Underway
Clash at Hansraj College Fest: Delhi Police Registers FIR, Investigation Underway

 

नई दिल्ली

राजधानी के प्रतिष्ठित Hansraj College में आयोजित वार्षिक उत्सव के दौरान हुई झड़प के मामले में Delhi Police ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई कॉलेज प्रशासन की शिकायत के आधार पर की गई है। अधिकारियों ने सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, यह विवाद 8 और 9 अप्रैल को आयोजित कॉलेज फेस्ट के दौरान हुआ था। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में हिंसा और अनुशासनहीनता की घटनाओं का जिक्र किया गया है। साथ ही, इस बात के भी संकेत मिले हैं कि कार्यक्रम के दौरान कुछ बाहरी लोगों की एंट्री हुई, जिसने स्थिति को और बिगाड़ने में भूमिका निभाई।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारी घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को सत्यापित कर रहे हैं और यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि झड़प किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है। हंसराज कॉलेज ने लगभग 30 छात्रों को निलंबित कर दिया है, जिनमें छात्रसंघ के चार पदाधिकारी भी शामिल हैं। इन छात्रों पर सोशल मीडिया के जरिए कॉलेज की छवि खराब करने, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और अनुशासनहीनता फैलाने के आरोप लगाए गए हैं।

25 अप्रैल को जारी एक नोटिस में कॉलेज प्रशासन ने छात्रसंघ के पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की जानकारी दी। यह निलंबन अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, निलंबन की अवधि अभी तय नहीं की गई है और इसे अंतरिम आदेश बताया गया है।

कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबित छात्रों को कॉलेज परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें केवल परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन में शामिल होने के लिए ही परिसर में आने की छूट दी गई है।

इससे पहले 20 अप्रैल को एक छात्र के खिलाफ पहला नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उस पर कॉलेज की छवि खराब करने और शिक्षकों व कर्मचारियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया था। इसके बाद जारी दूसरे नोटिस में 14 छात्रों को नामित किया गया, जिन पर फेस्ट के दौरान हिंसा, अव्यवस्था फैलाने और कैंपस का माहौल खराब करने के आरोप लगे।

कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर (डॉ.) रमा से इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन रिपोर्ट लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका।

यह मामला अब सिर्फ कॉलेज परिसर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानून-व्यवस्था का मुद्दा बन गया है। दिल्ली पुलिस की जांच से यह साफ होगा कि घटना के पीछे असली वजह क्या थी और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।