डिग्री नहीं, स्किल से बनेगा भविष्य: जामिया हमदर्द पहल

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 30-04-2026
The Future Will Be Built on Skills, Not Degrees: Jamia Hamdard Initiative
The Future Will Be Built on Skills, Not Degrees: Jamia Hamdard Initiative

 

 आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

आज का दौर केवल डिग्री हासिल करने का नहीं, बल्कि 'हुनर' (Skill) हासिल करने का है। बदलते समय के साथ सफलता की परिभाषा भी बदल गई है। अब आत्मनिर्भरता का अर्थ केवल एक सुरक्षित नौकरी पाना नहीं है, बल्कि खुद को इस काबिल बनाना है कि आप दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को हकीकत में बदलने के लिए देश के युवाओं को तकनीकी और व्यावहारिक कौशल से लैस होना अनिवार्य है।

इसी विजन को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली की प्रतिष्ठित जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी ने युवाओं को स्वावलंबी बनाने का बीड़ा उठाया है। विश्वविद्यालय के कौशल विकास विभाग (Department of Skills Development) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कई बेहतरीन फुल-टाइम और शॉर्ट-टर्म कोर्सेज के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

क्यों खास है जामिया हमदर्द का कौशल विकास विभाग?

अक्सर देखा जाता है कि पारंपरिक डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं को इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक काम नहीं मिल पाता। जामिया हमदर्द का कौशल विकास केंद्र इसी 'स्किल गैप' को भरने का काम कर रहा है। यहाँ के कोर्सेज को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्र न केवल थ्योरी समझें, बल्कि हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग (Hands-on training) के जरिए उस काम में माहिर भी बनें।

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इस विभाग की मुख्य विशेषताएं:

  • इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रोग्राम: पाठ्यक्रम आज की कॉर्पोरेट और तकनीकी दुनिया की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।

  • विशेषज्ञ फैकल्टी: अनुभवी शिक्षक और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स छात्रों का मार्गदर्शन करते हैं।

  • छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए उपयुक्त: यहाँ डिग्री प्रोग्राम के साथ-साथ कामकाजी लोगों के लिए भी शॉर्ट-टर्म कोर्सेज उपलब्ध हैं।

उपलब्ध कोर्सेज: आपकी पसंद और करियर का चुनाव

जामिया हमदर्द ने अपनी सूची में विविधता रखी है ताकि हर रुचि का छात्र अपनी पसंद का क्षेत्र चुन सके। मुख्य रूप से दो श्रेणियों में दाखिले खुले हैं:

1. B.Voc (बैचलर ऑफ वोकेशन) डिग्री प्रोग्राम

यह तीन साल का डिग्री कोर्स है, जो पारंपरिक बीए या बीएससी से अलग है। इसमें 60% ध्यान व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical) पर और 40% सैद्धांतिक (Theory) ज्ञान पर दिया जाता है। यह उन छात्रों के लिए बेहतरीन है जो ग्रेजुएशन के तुरंत बाद एक प्रोफेशनल के रूप में काम शुरू करना चाहते हैं।

2. शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्सेज

ये कोर्सेज उन लोगों के लिए वरदान हैं जो कम समय में कोई विशेष हुनर सीखना चाहते हैं। चाहे आप अभी पढ़ाई कर रहे हों या कहीं नौकरी कर रहे हों, ये कोर्सेज आपकी प्रोफाइल में चार चांद लगा सकते हैं और आपकी 'मार्केट वैल्यू' बढ़ा सकते हैं।

करियर की राह: इन कोर्सेज से क्या होगा लाभ?

अक्सर युवाओं के मन में सवाल होता है कि 'स्किल कोर्स' करने के बाद भविष्य कैसा होगा? आइए समझते हैं इसके दूरगामी लाभ:

  • रोजगार की गारंटी: जब आप किसी विशेष हुनर (जैसे- डिजिटल मार्केटिंग, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, या आईटी स्किल्स) में माहिर होते हैं, तो कंपनियां आपको प्राथमिकता देती हैं।

  • फ्रीलांसिंग और स्वरोजगार: इन कोर्सेज के बाद आप किसी के अधीन काम करने के बजाय अपना खुद का स्टार्टअप या फ्रीलांसिंग काम शुरू कर सकते हैं।

  • पदोन्नति (Promotion): कामकाजी प्रोफेशनल्स अगर शॉर्ट-टर्म कोर्स करते हैं, तो उन्हें नई तकनीक सीखने को मिलती है, जिससे कार्यस्थल पर उनकी अहमियत बढ़ जाती है।

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दाखिला प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

अगर आप भी जामिया हमदर्द के इन कोर्सेज के जरिए अपने करियर को नई उड़ान देना चाहते हैं, तो नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:

विवरण जानकारी
आधिकारिक वेबसाइट jamiahamdard.ac.in
संपर्क नंबर +91 7652053247 / 7355603787
ईमेल आईडी [email protected]
सत्र 2025-26

आवेदन कैसे करें?

  1. सबसे पहले विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

  2. 'Skill Development' या 'Admission 2025-26' लिंक पर क्लिक करें।

  3. अपनी रुचि के अनुसार कोर्स (B.Voc या Certificate) का चुनाव करें।

  4. आवेदन फॉर्म में अपनी शैक्षणिक जानकारी और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

  5. आवेदन शुल्क जमा करने के बाद फॉर्म का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

विशेषज्ञों की राय: हुनर ही भविष्य है

शिक्षाविदों का मानना है कि आने वाला समय 'डिग्री' से ज्यादा 'स्किल' का है। जामिया हमदर्द जैसी संस्थाएं न केवल शिक्षा दे रही हैं, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास भी भर रही हैं। एक हुनरमंद युवा न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुधारता है, बल्कि समाज और देश की जीडीपी में भी योगदान देता है।

अंतिम शब्द

यदि आप भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं, तो यह सही समय है। जामिया हमदर्द के कौशल विकास कार्यक्रमों में दाखिला लेकर आप न केवल खुद को एक बेहतर भविष्य की गारंटी दे सकते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सिपाही भी बन सकते हैं।

देर न करें, आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अपने सपनों को हुनर की धार दें और सफलता की ओर कदम बढ़ाएं!