अनम वसीम : मेवात की पहली मेव मुस्लिम महिला जो दिल्ली के स्कूल में बनीं लेकचरार

Story by  यूनुस अल्वी | Published by  [email protected] • 3 Months ago
Anam Wasim: The first Meo Muslim woman from Mewat who became a lecturer in a Delhi school.
Anam Wasim: The first Meo Muslim woman from Mewat who became a lecturer in a Delhi school.

 

यूनुस अल्वी / नूंह  ( हरियाणा)

मेवात की बेटियां भी दकियानूसी ख्याल से निकल कर क्षेत्र का नाम रोशन करने लगी हैं. ऐसे ही एक बेटी हैं अनस खान, जो दिल्ली के शिक्षा विभाग में पहली मुस्लिम मेव महिला लेकचरार लगी हैं.नूंह जिला के फिरोजपुर झिरका उपमंडल के गांव महुँ निवासी वसीम खान की पत्नी अनम वसीम खान मेव का दिल्ली शिक्षा विभाग में (उर्दू) लेक्चरर के पद पर चयन हुआ है.

मेवात के सामाजिक व बुद्धिजीवियों ने अनम वसीम खान की इस उपलब्धि के लिए मुबारकबाद दी है. अनम खान जन्म एक सामाजिक घराने में हुआ है. उनके पिता अकबर खान जोधपुर अमरूका भरतपुर राजस्थान के रहने वाले हैं. अनम खान की प्राइमरी शिक्षा  जोधपुर अमरूका के स्कूल से हुई.
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उसके बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन किया. उसके बाद में वहीं से एम ए उर्दू और बीएड उर्दू किया. वह दिल्ली के शिक्षा विभाग में उर्दू लेकचरार लगने वाली पहली मेवात मुस्लिम महिला हैं. 
 
अनम खान ने बताया कि वह हरियाणा व राजस्थान की टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट क्वालीफाई कर चुकी है. अब दिल्ली शिक्षा विभाग  में लेक्चर उर्दू सिलेक्शन हुआ है. अनम खान का कहना है कि पिता अकबर खान और परिवार ने शुरू से ही उन्हें उच्च शिक्षा दिलाने की कोशिश की. उसके बाद उनके ससुराल वालों ने उनका हौंसला बढ़ाया. उनका कहना है कि मेवात की बेटियों को मौका मिले तो वे एक अध्यापक से लेकर आईएएस, आईपीएस तक बन सकती हैं. 
 
अनम खान ने बताया कि उसकी शादी नूंह जिला के खंड फिरोजपुर झिरका के गांव महूं निवासी मास्टर वसीम के साथ मार्च 2020 में कोरोना काल के समय हुई थी. यह शादी अपने आप में उदाहरण है. मेवात जैसे एरिया में जहां पर दहेज को बढ़ा चढ़ा कर दिया और लिया जाता है. उनकी शादी बगैर दहेज सुन्नत तरीके से हुई. अब उन्हें एक लड़का भी है,जिसकी उम्र लगभग 10 महीने है.
वह कहती हैं कि उनकी रूचि शुरू से अध्यापक बनने की थी. इसके लिए लगातार तैयारी की. दिल्ली के ओखला में रहकर यह टेस्ट क्वालीफाई किया. उनके पति मास्टर मोहम्मद वसीम खान भी दिल्ली सरकार में टीजीटी सोशल साइंस के पद पर कार्यरत हैं.
 
अनम खान के पिता अकबर खान ने कहा, उनका परिवार बहुत खुश है. मेवात की पहली मेव बेटी का दिल्ली शिक्षा विभाग में बतौर उर्दू लेक्चरर के पद पर सिलेक्शन हुआ है.  जैसे ही मेवात के युवाओं को अनस खान के बारे में पता चला, उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मुबारकबाद का सिलसिला शुरू कर दिया. 
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अनस खान की कामयाबी पर जमीअत उलेमा पलवल के अध्यक्ष मौलाना लुकमान कासमी, उपाध्यक्ष मुफ्ती वसीम कासमी, महासचिव मुबारक, बुरहान हुसैन, मास्टर हसीन, मास्टर आरिफ, मास्टर नासिर, मास्टर इरफान, अबरार, रुबीना, शाहिदा, शौकत, तारीफ हुसैन, हासम खान ने मुबारकबाद दी है.