अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च के डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (डीबीए) ने एमबीए के पूर्व छात्रों के साथ एक संवाद सत्र आयोजित किया। इसमें 2001 बैच के पूर्व छात्र डॉ. मुनीरुद्दीन ए और सुश्री शगुफ्ता अहमद ने अपने पेशेवर अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को कारोबार, प्रबंधन और करियर की संभावनाओं से भी अवगत कराया।
सत्र में डॉ. मुनीरुद्दीन ने ‘3 करोड़ रुपये से 600 करोड़ रुपये तक’ विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की जरूरतों को समझने, समुदाय से जुड़ने और कारोबारी रणनीतियों में नए प्रयोग करने से डिटर्जेंट ब्रांड ‘डॉ. वॉश’ के विकास को गति मिली।
उन्होंने कारोबार में ब्लू ओशन स्ट्रैटेजी और कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट जैसी प्रबंधन अवधारणाओं की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को उद्यमिता के नए अवसर तलाशने और लंबे समय तक उपयोगी मूल्य तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. मुनीरुद्दीन ने संयुक्त अरब अमीरात में ‘वाइजवर्ल्ड मैनेजमेंट कंसल्टिंग’ की भी स्थापना की है।
सत्र में पूर्व छात्रा शगुफ्ता अहमद ने ‘शिपिंग उद्योग में करियर के अवसर’ विषय पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने सेल्स से अपने करियर की शुरुआत की और आगे चलकर शिपिंग ब्रोकर के रूप में अपनी पहचान बनाई।
उन्होंने समुद्री व्यापार और शिपिंग क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं, जरूरी पेशेवर प्रमाणपत्रों और कौशल विकास के व्यावहारिक तरीकों पर चर्चा की।
शगुफ्ता अहमद ने खास तौर पर इंटरनेशनल बिजनेस में विशेषज्ञता हासिल कर रहे विद्यार्थियों को नौकरी की तलाश, पेशेवर तैयारी और करियर निर्माण से जुड़ी उपयोगी जानकारियां दीं।
दोनों पूर्व छात्रों ने विद्यार्थियों को लगातार सीखते रहने, नए विचारों के साथ काम करने और अपने पेशेवर जीवन में पहल करने की सलाह दी।
इस संवाद सत्र का समन्वय डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की चेयरपर्सन प्रो. सलमा अहमद और अलुमनाई रिलेशंस कमेटी की टीचर इंचार्ज डॉ. जरीन हुसैन फारूक ने किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रथम वर्ष के एमबीए विद्यार्थियों अरसला, जुनैद आलम और अली शरय्यार ने किया।
इस अवसर पर बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और कॉमर्स विभागों के विद्यार्थियों के अलावा कंसल्टिंग क्लब के सदस्यों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पूर्व छात्रों के अनुभवों से जोड़ना और उन्हें कारोबार तथा रोजगार की बदलती दुनिया के लिए तैयार करना था।