संरा प्रमुख ने भारत-ईयू व्यापार समझौते का हवाला देते हुए ‘बहुध्रुवीयता’ की जरूरत पर बल दिया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-01-2026
UN chief stresses need for 'multipolarity', citing India-EU trade deal
UN chief stresses need for 'multipolarity', citing India-EU trade deal

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का हवाला देते हुए ‘‘बहुध्रुवीयता’’ का समर्थन करने की आवश्यकता पर जोर दिया और अमेरिका एवं चीन का परोक्ष संदर्भ देते हुए कहा कि वैश्विक समस्याओं का समाधान ‘‘एक ही ताकत का हुकुम चलने’’ से नहीं होगा।
 
गुतारेस ने 2026 के लिए अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए यहां बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘वर्तमान समय में यह स्पष्ट है कि दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका है।... हम देख रहे हैं और कई लोगों का भी भविष्य के संदर्भ में विचार है कि दो ध्रुव हैं- एक अमेरिका केंद्रित और एक चीन केंद्रित।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम एक स्थिर दुनिया चाहते हैं, अगर हम ऐसी दुनिया चाहते हैं जिसमें शांति कायम रह सके, जिसमें विकास व्यापक हो सके और जिसमें अंततः हमारे मूल्य कायम रहें तो हमें बहुध्रुवीयता का समर्थन करने की जरूरत है।’’
 
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, ‘‘हमें अलग-अलग देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों के ताने-बाने का समर्थन करने की जरूरत है और मैं हालिया व्यापार समझौतों को बहुत उम्मीदों के साथ देखता हूं: आपके पास यूरोपीय संघ के साथ मर्कोसुर (दक्षिण अमेरिकी व्यापार गुट) है। यूरोपीय संघ के साथ इंडोनेशिया है। यूरोपीय संघ के साथ भारत (का समझौता) है।’’
 
गुतारेस ने कहा, ‘‘कनाडा के साथ चीन का समझौता है। ब्रिटेन के साथ चीन (का समझौता) है इसलिए मेरी मानना है कि व्यापार में यह नेटवर्क, प्रौद्योगिकी में यह नेटवर्क और वास्तविक बहुध्रुवीय दुनिया में देशों और इकाइयों के बड़े समूह के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग का यह नेटवर्क मजबूत बहुपक्षीय संस्थानों और ऐसी दुनिया के लिए परिस्थितियां बना सकता है जिसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल्यों का वर्चस्व कायम रह सके।’’
 
भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर मंगलवार को हस्ताक्षर किए जिसे ‘‘अब तक का सबसे बड़ा समझौता’’ बताया जा रहा है।
 
गुतारेस ने 2026 के लिए अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए यहां बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘वर्तमान समय में यह स्पष्ट है कि दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका है।... हम देख रहे हैं और कई लोगों का भी भविष्य के संदर्भ में विचार है कि दो ध्रुव हैं- एक अमेरिका केंद्रित और एक चीन केंद्रित।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम एक स्थिर दुनिया चाहते हैं, अगर हम ऐसी दुनिया चाहते हैं जिसमें शांति कायम रह सके, जिसमें विकास व्यापक हो सके और जिसमें अंततः हमारे मूल्य कायम रहें तो हमें बहुध्रुवीयता का समर्थन करने की जरूरत है।’’
 
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, ‘‘हमें अलग-अलग देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों के ताने-बाने का समर्थन करने की जरूरत है और मैं हालिया व्यापार समझौतों को बहुत उम्मीदों के साथ देखता हूं: आपके पास यूरोपीय संघ के साथ मर्कोसुर (दक्षिण अमेरिकी व्यापार गुट) है। यूरोपीय संघ के साथ इंडोनेशिया है। यूरोपीय संघ के साथ भारत (का समझौता) है।’’
 
गुतारेस ने कहा, ‘‘कनाडा के साथ चीन का समझौता है। ब्रिटेन के साथ चीन (का समझौता) है इसलिए मेरी मानना है कि व्यापार में यह नेटवर्क, प्रौद्योगिकी में यह नेटवर्क और वास्तविक बहुध्रुवीय दुनिया में देशों और इकाइयों के बड़े समूह के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग का यह नेटवर्क मजबूत बहुपक्षीय संस्थानों और ऐसी दुनिया के लिए परिस्थितियां बना सकता है जिसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल्यों का वर्चस्व कायम रह सके।’’
 
भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर मंगलवार को हस्ताक्षर किए जिसे ‘‘अब तक का सबसे बड़ा समझौता’’ बताया जा रहा है।