मॉस्को
यूक्रेन द्वारा शनिवार देर रात रूस के ब्लैक सी तट पर स्थित लोकप्रिय शहर सोची के पास एक तेल भंडारण डिपो पर ड्रोन हमला किया गया, जिससे भयंकर आग लग गई। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ 1,200 कैदियों की अदला-बदली की घोषणा की है।
क्रास्नोडार क्षेत्र के गवर्नर विनीमिन कोंद्रात्येव ने बताया कि गिराए गए ड्रोन के मलबे के टकराने से तेल टैंक में आग लगी। आग पर काबू पाने के लिए 120 से अधिक दमकलकर्मियों को लगाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तेल डिपो से उठता काला धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता है।
इस हमले के चलते सोची एयरपोर्ट पर उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं।
वरोनेज़ में एक और हमला
रूस के वरोनेज़ क्षेत्र में एक अन्य यूक्रेनी ड्रोन हमले में चार लोग घायल हो गए। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रविवार तड़के रूस और ब्लैक सी क्षेत्र में यूक्रेन के 93 ड्रोन मार गिराए गए।
यूक्रेन पर भी रूसी हमले
इस बीच, दक्षिणी यूक्रेन के मायकोलाइव शहर में रूसी मिसाइल हमले से रिहायशी इलाका निशाना बना, जिसमें 7 लोग घायल हुए। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रविवार को रूस ने 76 ड्रोन और 7 मिसाइलें दागीं, जिनमें से 60 ड्रोन और एक मिसाइल को मार गिराया गया, लेकिन 16 ड्रोन और 6 मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचीं।
यह सब उस हफ्ते में हुआ जो हाल के महीनों में यूक्रेन के लिए सबसे घातक सप्ताह साबित हुआ। गुरुवार को हुए रूसी मिसाइल-ड्रोन हमले में 31 लोगों की मौत, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल थे, और 150 से अधिक लोग घायल हुए।
ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 8 अगस्त तक शांति प्रयासों में प्रगति लाने की अंतिम चेतावनी दी थी। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोई प्रगति नहीं हुई, तो रूस पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि "रूस जैसे देश प्रतिबंधों से बच निकलने में माहिर हैं"।
ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ बुधवार या गुरुवार को रूस यात्रा पर जा सकते हैं, यानी ट्रंप की डेडलाइन के आखिरी दिन।
कैदियों की अदला-बदली
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने रविवार को कहा कि यूक्रेन और रूस ने 1,200 कैदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, “1,200 लोगों की अदला-बदली को लेकर समझौता हुआ है। सूचियों पर काम चल रहा है और हम अपने नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में इस्तांबुल में हुई पिछली बातचीत की समीक्षा की और आगामी दौर की तैयारियों पर चर्चा की।
गौरतलब है कि इस साल दोनों देशों के बीच हुई तीनों दौर की बातचीत के बाद कैदियों की अदला-बदली तो हुई है, लेकिन युद्धविराम या शांति समझौते में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।