ईरान के अगले सर्वोच्च नेता की चयन प्रक्रिया में अमेरिका को शामिल किया जाना चाहिए : ट्रंप

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-03-2026
Trump: US should be involved in the selection process of Iran's next supreme leader
Trump: US should be involved in the selection process of Iran's next supreme leader

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के अगले सर्वोच्चा नेता के चयन की प्रक्रिया में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए।
 
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले लगातार जारी हैं तथा इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी क्षेत्र में इजराइल एवं अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं।
 
ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमलों में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई के स्थान पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता के तौर पर चयन ‘‘अस्वीकार्य’’ होगा।
 
अमेरिकी समाचार वेबसाइट ‘एक्सियोस’ से बातचीत के दौरान की गई ट्रंप की यह टिप्पणी सवाल खड़ा करती है कि क्या अमेरिका और इजराइल ईरान के इस्लामी गणराज्य को उखाड़ फेंकना चाहते हैं या केवल उसकी नीतियों में बदलाव चाहते हैं। यह संघर्ष अनिश्चितकाल के लिए लंबा खिंचता नजर आ रहा है।
 
इस युद्ध का असर पश्चिम एशिया तथा उससे बाहर के 14 देशों पर पड़ा है।
 
अजरबैजान ने ईरान पर ड्रोन हमले करने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था जिसे तेहरान ने खारिज कर दिया।
 
ईरान ने बृहस्पतिवार सुबह इजराइल और अमेरिका के कई अड्डों पर नये सिरे से हमले किए और धमकी दी कि हिंद महासागर में ईरान के एक युद्धपोत को टॉरपीडो के हमले से डुबोने के लिए अमेरिका को बहुत पछताना पड़ेगा।
 
ईरान समर्थक हिजबुल्ला लड़ाकों के साथ संघर्ष बढ़ने के बीच इजराइल ने चेतावनी जारी कर बेरूत के दक्षिणी उपनगरों के लिए बड़े पैमाने पर निकासी का परामर्श जारी किया। संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों ने इजराइली सैनिकों की और टुकड़ियों के सीमा पार जाने के बीच दक्षिणी लेबनान में जमीनी लड़ाई की सूचना दी।
 
इस बीच, पूरे ईरान में अमेरिका और इजराइल के हमले जारी हैं। उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया है।
 
ईरान ने जवाबी हमले करते हुए अरब में अपने पड़ोसियों को निशाना बनाया है। इन हमलों के कारण तेल आपूर्ति बाधित हो गई है और वैश्विक हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है।
 
संबंधित देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 120 से अधिक लोग और इजराइल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। हमलों में छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।