पोलैंड में 5,000 और सैनिक भेजेंगे ट्रंप, यूरोप में अमेरिकी उपस्थिति को लेकर भ्रम

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 22-05-2026
Trump to send 5,000 more troops to Poland
Trump to send 5,000 more troops to Poland

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका पोलैंड में 5,000 और सैनिक भेजेगा जिससे ट्रंप और उनके प्रशासन द्वारा यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को कम करने के बारे में हफ्तों से बदलते बयानों के बाद भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
 
ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले कहा था कि वह यूरोप में सैनिकों की संख्या लगभग 5,000 तक कम कर रहा है और अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि लगभग 4,000 सैनिक अब पोलैंड में तैनात नहीं हैं।
 
ट्रंप की सोशल मीडिया घोषणा से यूरोपीय सहयोगियों के लिए अनिश्चितता और बढ़ गई जो इन बदलावों से प्रभावित हुए हैं क्योंकि इससे पूर्व अमेरिकी प्रशासन उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) सदस्यों पर अपनी रक्षा का पर्याप्त भार नहीं उठाने और ईरान युद्ध में समर्थन देने में विफल रहने की शिकायत कर चुका है।
 
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ‘‘पोलैंड के वर्तमान राष्ट्रपति करोल नवरोकी के सफल चुनाव के आधार पर और उनके साथ हमारे संबंधों को देखते हुए, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका पोलैंड में अतिरिक्त 5,000 सैनिक भेजेगा।’’
 
कुछ दिन पहने चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा था कि ईरानी नेतृत्व द्वारा अमेरिका का ‘अपमान’ किया जा रहा है और उन्होंने युद्ध में रणनीति की कमी की आलोचना की थी जिसके बाद ट्रंप और पेंटागन ने कहा था कि वे जर्मनी में तैनात सैनिकों की संख्या घटा रहे हैं।
 
ट्रंप ने फिर महीने की शुरुआत में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका 5,000 से कहीं अधिक सैनिकों की संख्या में कटौती करेगा।
 
पिछले सप्ताह तक सेना की दूसरी बख्तरबंद ब्रिगेड कॉम्बैट टीम, पहली कैवलरी डिवीजन के लगभग 4,000 सैनिक पोलैंड के लिए रवाना नहीं हुए थे। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) ने बताया कि यह तैनाती रद्द करना यूरोप में सैनिकों की संख्या कम करने के ट्रंप के आदेश का पालन करने के प्रयास का हिस्सा था। लंबी दूरी की मिसाइलें दागने के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की जर्मनी में तैनाती भी रोक दी गई।
 
डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों ही पार्टियों के सांसदों ने इन कटौतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे यूक्रेन में चार साल से जारी युद्ध के दौरान सहयोगियों और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों को गलत संदेश जाएगा।