आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने शुक्रवार को देश की सभी सरकारी एजेंसियों को एआई कंपनी एंथ्रोपिक की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग बंद करने का आदेश दिया और अन्य कड़े दंडात्मक कदम भी उठाए।
यह निर्णय सरकार और कंपनी के बीच एआई सुरक्षा को लेकर जारी विवाद के बाद लिया गया।
राष्ट्रपति ट्रंप, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अन्य अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर एंथ्रोपिक की आलोचना की। उनका आरोप है कि कंपनी ने शुक्रवार तक की समयसीमा के भीतर सेना को अपनी एआई तकनीक के असीमित उपयोग की अनुमति नहीं दी, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
इससे पहले, एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डारियो अमादेई ने इन चिंताओं को लेकर सेना के साथ काम करने से इनकार कर दिया था कि कंपनी के उत्पादों का उपयोग ऐसे तरीकों से किया जा सकता है जो उसके सुरक्षा उपायों का उल्लंघन करेंगे।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘हमें कंपनी की तकनीक की जरूरत नहीं है और भविष्य में उससे कोई कारोबार नहीं किया जाएगा।’’
रक्षा मंत्री हेगसेथ ने एंथ्रोपिक को ‘‘आपूर्ति श्रृंखला जोखिम’’ घोषित किया, जो आमतौर पर विरोधी देशों की कंपनियों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला दर्जा है।
कंपनी ने इस कदम को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि किसी अमेरिकी कंपनी को इस तरह चिह्नित करना कानूनी रूप से गलत है और खतरनाक मिसाल बनेगा।