वॉशिंगटन
: फीफा विश्व कप 2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। अमेरिका में खेले जा रहे सभी मैचों और फैन फेस्टिवल स्थलों पर ड्रोन से संभावित खतरों को रोकने के लिए अत्याधुनिक काउंटर-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि टूर्नामेंट के दौरान किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए व्यापक तैयारी की गई है।
व्हाइट हाउस विश्व कप टास्क फोर्स के प्रमुख एंड्रयू जूलियानी ने बताया कि अमेरिका में आयोजित होने वाले सभी 78 मैचों को ड्रोन रोधी सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। इसके अलावा प्रत्येक मेजबान शहर में आयोजित फैन फेस्टिवल भी इसी सुरक्षा प्रणाली के दायरे में हैं।
जूलियानी के अनुसार, विश्व कप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहतीं। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की पूरी अवधि के दौरान मैच स्थलों और दर्शकों के जमावड़े वाले क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी और संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब हाल ही में व्हाइट हाउस में आयोजित यूएफसी 250 कार्यक्रम को कथित ड्रोन हमले से निशाना बनाने की साजिश की खबरें सामने आई थीं। अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भी विश्व कप मैचों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों को संभावित लक्ष्य माना था। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
फीफा विश्व कप 2026 का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से कर रहे हैं। टूर्नामेंट 11 जून से शुरू हुआ है और 19 जुलाई तक चलेगा। दुनिया भर से लाखों फुटबॉल प्रशंसकों के आने की उम्मीद को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं।
मैदान पर भी मेजबान अमेरिका ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है। अमेरिकी टीम ने 12 जून को खेले गए अपने पहले मुकाबले में पराग्वे को 4-1 से हराकर दमदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले में फोलारिन बालोगुन और क्रिश्चियन पुलिसिक का प्रदर्शन शानदार रहा।
मैच के सातवें मिनट में अमेरिका को बढ़त मिली जब पुलिसिक के शानदार पास के बाद पराग्वे के खिलाड़ी डेमियन बोबाडिला ने आत्मघाती गोल कर दिया। इसके बाद 31वें मिनट में पुलिसिक की सहायता से बालोगुन ने दूसरा गोल कर टीम की बढ़त दोगुनी कर दी।
दूसरे हाफ में भी अमेरिकी टीम का दबदबा कायम रहा। हालांकि 73वें मिनट में पराग्वे के मौरिसियो मागाल्हाएस ने एक गोल कर अंतर कम किया, लेकिन उनकी टीम वापसी नहीं कर सकी। मुकाबले के अंतिम क्षणों में बालोगुन ने अपना दूसरा गोल दागकर जीत लगभग सुनिश्चित कर दी।
अमेरिकी कोच मौरिसियो पोचेटिनो ने लंबी प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए हाफ टाइम के बाद पुलिसिक को आराम दिया और उनकी जगह सेबास्टियन बेरहाल्टर को मैदान में उतारा। टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर विशेष सावधानी बरत रहा है।
मैच के अंतिम चरण में जियो रेयना ने दूर से शानदार शॉट लगाकर चौथा गोल किया और अमेरिका की 4-1 की यादगार जीत पर मुहर लगा दी।
एक ओर जहां मैदान पर रोमांचक मुकाबले जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि फीफा विश्व कप 2026 दुनिया के सबसे सुरक्षित खेल आयोजनों में से एक साबित हो। काउंटर-ड्रोन तकनीक की तैनाती इसी व्यापक सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।