अमेरिका और यूरोप के बीच पहले भी रहे हैं मतभेद

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 19-01-2026
There have been differences between America and Europe before.
There have been differences between America and Europe before.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर चल रहे विवाद से पहले भी दोनों के रिश्ते कई मौकों पर तनावपूर्ण रहे हैं।
 
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से लेकर आज तक कई बार ट्रांस-एटलांटिक कूटनीतिक मुद्दे सामने आए हैं, जब अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच गहरे मतभेद उभर आए।
 
वर्ष 1956 में जब फ्रांस, ब्रिटेन और इज़राइल ने मिस्र के राष्ट्रपति जमाल अब्दुल नासिर को सत्ता से हटाने और स्वेज नहर पर फिर से नियंत्रण हासिल करने के उद्देश्य से मिस्र पर हमला किया, तो अमेरिका ने इसे रोकने के लिए कड़े कूटनीतिक और आर्थिक दबाव का इस्तेमाल किया।
 
वियतनाम युद्ध के दौरान फ्रांस को छोड़कर यूरोप के अधिकतर देशों ने अमेरिका को कूटनीतिक समर्थन दिया, लेकिन सैनिक सेवा देने से इनकार किया। यूरोप में युद्ध के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों ने स्थानीय सरकारों को जटिल स्थिति में डाल दिया और ट्रांस-एटलांटिक रिश्तों पर इसका राजनीतिक असर पड़ा।
 
यूरोमिसाइल संकट 1980 के दशक में हुआ जब रूस द्वारा पश्चिमी यूरोप पर लक्षित किए जा सकने वाले नए एसएस-20 मिसाइलों को तैनात करने के बाद, नाटो ने अमेरिकन पर्शिंग बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों को यूरोप में तैनात करने का निर्णय लिया। इससे महाद्वीप में एक बार फिर व्यापक विरोध और बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का दौर चला, जिसने अमेरिका-यूरोप संबंधों पर दबाव डाला।
 
अमेरिका द्वारा इराक पर 2003 में किए गए आक्रमण ने यूरोप, खासकर फ्रांस और जर्मनी, के साथ एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा किया, क्योंकि इन देशों ने सद्दाम हुसैन की सरकार पर हमला करने का समर्थन नहीं किया। अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें “ओल्ड यूरोप” कहकर आलोचना की और पूर्वी यूरोपीय देशों को “न्यू यूरोप” कहकर समर्थन जताया।