The final journey of former Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei begins in Tehran
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ईरान की राजधानी तेहरान में देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार को शुरू हुई।
ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे खामेनेई के ताबूत एक ट्रक में रखा गया है। इसी ट्रक में उनके परिजनों के ताबूत भी रखे गए हैं जो 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में इजराइल और अमेरिका के हवाई हमले में मारे गए थे।
अधिकारियों ने ट्रक को इमाम की दरगाह के चारों ओर बनी पारंपरिक सजावटी जाली का स्वरूप दिया है।
अंतिम यात्रा की निगरानी कर रहे रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल हसन हसनज़ादेह ने बताया कि इन ताबूतों को 12 घंटे की यात्रा के दौरान तेहरान की सड़कों से होते हुए मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक ले जाया जाएगा।
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का अनुमान है। ईरानी प्रशासन का मानना है कि इससे सरकार के प्रति जनता के समर्थन का भी प्रदर्शन होगा।
इस बीच, तेहरान के विभिन्न स्थलों पर हजारों की संख्या में लोग जुट चुके हैं और वे खामेनेई के सम्मान में झंडे तथा बैनर लहरा रहे हैं।
शोक के मद्देनजर प्रशासन ने प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया है। हवाई क्षेत्र पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। शनिवार से शुरू हुआ यह राष्ट्रीय शोक बृहस्पतिवार को समाप्त होगा। इसके बाद 86 वर्षीय खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
इस बीच, अमेरिका ईरान के साथ उन वार्ताओं को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है, जिनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह फिर से खोलना, उसके विवादित परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना और युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना है। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि ये वार्ताएं अंतिम संस्कार संपन्न होने तक स्थगित रहेंगी।
हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान खामेनेई की मौत का बदला लेने की मांग भी तेज होती जा रही है।