शेख हसीना का ऐलान: दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी, जेल या मौत से नहीं डरती

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 06-08-2026
Sheikh Hasina's announcement: I will return to Bangladesh in December; I do not fear prison or death.
Sheikh Hasina's announcement: I will return to Bangladesh in December; I do not fear prison or death.

 

ढाका/नई दिल्ली

 बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने घोषणा की है कि वह इस वर्ष दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। उन्होंने कहा कि उनकी वापसी सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश में लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और विकास की बहाली के उद्देश्य से होगी।

भारत में निर्वासन का जीवन बिता रहीं 78 वर्षीय हसीना ने 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश छोड़ने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गिरफ्तारी या यहां तक कि मौत की सजा का भी डर नहीं है।

उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि मुझे जेल भेजा जा सकता है या मेरी हत्या भी हो सकती है, लेकिन मैंने बांग्लादेश लौटने का फैसला कर लिया है। मेरी वापसी की तारीख का औपचारिक ऐलान बाद में किया जाएगा।"

'वापसी सत्ता के लिए नहीं, देश के लिए'

शेख हसीना ने कहा कि उनका उद्देश्य दोबारा सत्ता हासिल करना नहीं है, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और समृद्धि के रास्ते पर वापस लाना है। उन्होंने अपनी पार्टी अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को हटाने, उनके और पार्टी नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने तथा देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बहाल करने की मांग की।

बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर जताई चिंता

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने अपने देश को लगातार संकट और पीड़ा में देखा है। उनके अनुसार, जुलाई-अगस्त 2024 में शुरू हुआ छात्र आंदोलन धीरे-धीरे राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया और हिंसक रूप ले बैठा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सुधार के नाम पर संगठित समूहों ने छात्रों की मांगों को राजनीतिक हथियार में बदल दिया। उनके मुताबिक, उस दौर में घरों, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों में भय का माहौल बन गया था।

हसीना ने कहा, "यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था और न ही वह जिसके लिए 1971 के मुक्ति संग्राम में लाखों लोगों ने बलिदान दिया था।"

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की अपील

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लोकतंत्र और न्याय की बहाली के लिए संघर्ष कर रहे बांग्लादेश के लोगों के समर्थन में खड़े होने की अपील की। साथ ही दावा किया कि उन्हें देश से दूर किया गया है, लेकिन वह अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुईं।

भारत को बताया बांग्लादेश का सच्चा मित्र

शेख हसीना ने भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारत हमेशा बांग्लादेश का एक भरोसेमंद और घनिष्ठ मित्र रहा है।

मोहम्मद यूनुस पर साधा निशाना

हसीना ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 का छात्र आंदोलन स्वतःस्फूर्त नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा था। उनके अनुसार, आंदोलन को संगठित तरीके से सरकार को अस्थिर करने के लिए इस्तेमाल किया गया।

मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में सजा

गौरतलब है कि पिछले वर्ष नवंबर में ढाका स्थित एक विशेष न्यायाधिकरण ने 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान कथित दमन और मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में शेख हसीना को अनुपस्थिति में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग भी की है, ताकि वह अदालत में मुकदमे का सामना कर सकें।

(एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर)