सऊदी ने इराक में ईरान समर्थित ठिकानों पर हमला किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-07-2026
Saudi Arabia attacked Iran-backed targets in Iraq.
Saudi Arabia attacked Iran-backed targets in Iraq.

 

रियाद

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार तड़के घोषणा की कि उसकी सेना ने इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के ठिकानों पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की है। मंत्रालय के अनुसार यह अभियान अमेरिकी सेना के सहयोग से चलाया गया। सऊदी सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य क्षेत्र में तनाव बढ़ाना नहीं है, लेकिन यदि उसके राष्ट्रीय हितों, नागरिकों या महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमला किया जाता है तो वह उसका उचित जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई हाल के ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब किसी नए सैन्य टकराव की शुरुआत नहीं चाहता, लेकिन देश की सुरक्षा और रणनीतिक संपत्तियों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

इससे पहले मंगलवार शाम सऊदी रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। ये ड्रोन देश के पूर्वी प्रांत में स्थित महत्वपूर्ण पेट्रोलियम प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से भेजे गए थे। समय रहते इन ड्रोन को नष्ट कर दिया गया, जिससे किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।

रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालकी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये हमले एक बार फिर इराकी क्षेत्र से किए गए। उनके अनुसार इन ड्रोन हमलों के पीछे ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया का हाथ है। उन्होंने इन हमलों को "आतंकवादी कार्रवाई" करार देते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल सऊदी अरब की सुरक्षा बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा हैं।

मेजर जनरल अल-मालकी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सऊदी अरब को अपनी संप्रभुता, नागरिकों और आर्थिक संसाधनों की रक्षा करने का पूर्ण अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि देश पर दोबारा हमला किया जाता है तो सऊदी अरब उचित समय, स्थान और तरीके से जवाबी कार्रवाई करेगा।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार सोमवार को भी इराकी क्षेत्र से कई ड्रोन लॉन्च किए गए थे। उनका लक्ष्य सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित तेल प्रतिष्ठानों के अलावा राजधानी रियाद को भी निशाना बनाना था। हालांकि सऊदी वायु रक्षा बलों ने सभी ड्रोन को रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया, जिससे किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया।

सऊदी अरब लंबे समय से अपने तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों को लेकर चिंता जताता रहा है। देश का कहना है कि ऊर्जा अवसंरचना पर ऐसे हमले वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। यही कारण है कि उसने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को लगातार मजबूत किया है और सहयोगी देशों के साथ सुरक्षा समन्वय बढ़ाया है।

ताजा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति पहले से ही संवेदनशील बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इराकी क्षेत्र से होने वाले ड्रोन हमले और उसके बाद सऊदी-अमेरिकी संयुक्त जवाबी कार्रवाई क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है। हालांकि सऊदी अरब ने अपने आधिकारिक बयान में दोहराया है कि उसकी प्राथमिकता शांति बनाए रखना है, लेकिन वह अपनी सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।