आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
आर्थिक संकट के कारण ईरान में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल गए हैं। यह जानकारी कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को दी।
बुधवार को प्रदर्शनों का सबसे तीव्र दौर देखने को मिला, जब विरोध प्रदर्शन हर प्रांत के ग्रामीण कस्बों और प्रमुख शहरों तक फैल गए। हालांकि, ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य जगहों पर दैनिक जीवन सुचारू रूप से चलता रहा।
अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी’ के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 38 लोग मारे गए हैं, जबकि 2,200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
विरोध प्रदर्शनों से ईरान की सरकार और उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर दबाव बढ़ गया है। अब तक, अधिकारियों ने इंटरनेट बंद नहीं किया है और न ही सड़कों पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की है, जैसा कि उन्होंने 2022 के महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद हुए प्रदर्शनों को दबाने के लिए किया था।
इस बीच, विरोध प्रदर्शन काफी हद तक नेतृत्वहीन रहे हैं, हालांकि ईरान के निर्वासित युवराज द्वारा विरोध प्रदर्शन का आह्वान यह परखने का काम करेगा कि क्या प्रदर्शनकारी विदेश से आने वाले संदेशों से प्रभावित हो रहे हैं या नहीं।
कार्यकर्ताओं के मुताबिक, बुधवार को देशभर में कम से कम 37 विरोध प्रदर्शन हुए। इनमें शिराज भी शामिल है, जहां के ऑनलाइन सामने आए एक वीडियो में एक दंगा-रोधी ट्रक को प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार करते हुए देखा गया।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने बोजनौर्द में एक बड़े प्रदर्शन के साथ-साथ करमान और करमानशाह में हुए प्रदर्शनों के बारे में जानकारी दी।
बुधवार को प्रदर्शनों का सबसे तीव्र दौर देखने को मिला, जब विरोध प्रदर्शन हर प्रांत के ग्रामीण कस्बों और प्रमुख शहरों तक फैल गए। हालांकि, ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य जगहों पर दैनिक जीवन सुचारू रूप से चलता रहा।
अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी’ के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 38 लोग मारे गए हैं, जबकि 2,200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
विरोध प्रदर्शनों से ईरान की सरकार और उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर दबाव बढ़ गया है। अब तक, अधिकारियों ने इंटरनेट बंद नहीं किया है और न ही सड़कों पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की है, जैसा कि उन्होंने 2022 के महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद हुए प्रदर्शनों को दबाने के लिए किया था।
इस बीच, विरोध प्रदर्शन काफी हद तक नेतृत्वहीन रहे हैं, हालांकि ईरान के निर्वासित युवराज द्वारा विरोध प्रदर्शन का आह्वान यह परखने का काम करेगा कि क्या प्रदर्शनकारी विदेश से आने वाले संदेशों से प्रभावित हो रहे हैं या नहीं।
कार्यकर्ताओं के मुताबिक, बुधवार को देशभर में कम से कम 37 विरोध प्रदर्शन हुए। इनमें शिराज भी शामिल है, जहां के ऑनलाइन सामने आए एक वीडियो में एक दंगा-रोधी ट्रक को प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार करते हुए देखा गया।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने बोजनौर्द में एक बड़े प्रदर्शन के साथ-साथ करमान और करमानशाह में हुए प्रदर्शनों के बारे में जानकारी दी।