कीर स्टारमर पर बढ़ा इस्तीफे का दबाव

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 12-05-2026
Pressure on Keir Starmer to resign mounts.
Pressure on Keir Starmer to resign mounts.

 

लंदन

ब्रिटेन की राजनीति में इन दिनों बड़ा उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री Keir Starmer की कुर्सी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है और कई वरिष्ठ मंत्री अब खुलकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। स्थानीय चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद स्टारमर के नेतृत्व पर सवाल तेज हो गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। इस हार ने पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पार्टी के कई नेता मानते हैं कि अगर यही स्थिति बनी रही तो 2029 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ब्रिटिश अखबार “द टाइम्स” की रिपोर्ट के अनुसार गृह मंत्री Shabana Mahmood और कैबिनेट के कई अन्य सदस्यों ने प्रधानमंत्री स्टारमर से अपने इस्तीफे के लिए समय सीमा तय करने पर विचार करने को कहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर असंतोष अब गंभीर रूप ले चुका है।

वहीं “द गार्जियन” की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विदेश मंत्री Yvette Cooper ने भी प्रधानमंत्री से सत्ता के व्यवस्थित हस्तांतरण पर विचार करने की सलाह दी है। यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि कूपर को लेबर पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है।

स्थिति तब और ज्यादा गंभीर हो गई जब उप प्रधानमंत्री David Lammy ने भी स्टारमर से इस्तीफे की समयसीमा तय करने की मांग कर दी। माना जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक वर्ग अब नेतृत्व परिवर्तन चाहता है ताकि आगामी राष्ट्रीय चुनावों से पहले पार्टी की छवि को सुधारा जा सके।

रिपोर्टों के अनुसार कैबिनेट के चार सहायकों ने चेतावनी दी है कि अगर स्टारमर स्वयं इस्तीफा नहीं देते हैं तो उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सकता है। इन सहायकों ने संकेत दिया है कि वे दबाव बनाने के लिए सामूहिक इस्तीफा भी दे सकते हैं। उनका कहना है कि 63 वर्षीय स्टारमर अब 2029 के चुनाव में पार्टी को प्रभावी नेतृत्व देने की स्थिति में नहीं हैं।

हालांकि बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने तेजी से कदम उठाते हुए मंत्रिमंडल में नए सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। इसे पार्टी के भीतर असंतोष को नियंत्रित करने और अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर संघर्ष और तेज हो सकता है। यदि पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार दबाव बनाए रखते हैं, तो स्टारमर के लिए पद पर बने रहना मुश्किल हो सकता है। ब्रिटेन की राजनीति में यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अगले आम चुनाव से पहले लेबर पार्टी खुद को मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना चाहती है।