बिजली संकट से पाकिस्तान के सिंध में शिक्षा कार्यालय ठप

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 17-07-2026
Pakistan's power crisis cripple Sindh education offices, leaving public services collapsed
Pakistan's power crisis cripple Sindh education offices, leaving public services collapsed

 

कराची [पाकिस्तान]

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, सिंध में लगातार बिजली कटौती ने शिक्षा विभाग के कई अहम दफ्तरों का कामकाज ठप कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली के सभी बिल चुका दिए गए हैं, फिर भी पिछले लगभग तीन हफ़्तों से प्रशासनिक कामकाज, ऑनलाइन सेवाओं और जनता से जुड़े कामों में भारी रुकावट आ रही है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक, इस संकट का असर डायरेक्टरेट जनरल कॉलेजेज सिंध, रीजनल डायरेक्टरेट गवर्नमेंट कॉलेजेज सिंध और रीजनल डायरेक्टरेट प्राइवेट स्कूल्स कराची के दफ्तरों पर पड़ा है।
 
अधिकारियों ने बताया कि काम के घंटों के दौरान लंबे समय तक बिजली कटौती से सरकारी कामकाज लगभग रुक गया है। इस रुकावट का असर प्राइवेट स्कूलों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, कंप्यूटराइज्ड सर्टिफिकेट जारी करने, शिकायतों के निपटारे और सरकारी कॉलेजों में एडमिशन से जुड़े कामों पर बुरी तरह पड़ा है।
 
अधिकारियों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने की वजह से लंबे समय तक कंप्यूटर सिस्टम, इंटरनेट कनेक्टिविटी और प्रिंटिंग सेवाएं उपलब्ध नहीं रहती हैं, जिससे ज़रूरी जन-सेवाओं को पूरा करने में मुश्किल होती है। सबसे ज़्यादा प्रभावित दफ्तरों में 'डायरेक्टरेट ऑफ़ इंस्पेक्शन एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ़ प्राइवेट इंस्टीट्यूशंस' शामिल है, जहाँ कर्मचारियों को सामान्य कामकाज बनाए रखने में संघर्ष करना पड़ रहा है। 
 
अधिकारियों ने बताया कि आमतौर पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक और फिर शाम 4 बजे के बाद बिजली नहीं रहती है, जिससे आठ घंटे के काम के दिन में दफ्तरों को सिर्फ़ तीन-चार घंटे ही बिजली मिल पाती है। इंस्पेक्शन के डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि लंबे समय तक बिजली कटौती ने विभाग के डिजिटल कामकाज को बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि बिजली के सभी बकाया बिल चुकाने और औपचारिक शिकायतों व आधिकारिक पत्राचार के ज़रिए K-Electric से बार-बार संपर्क करने के बावजूद हालात में कोई बदलाव नहीं आया है।
 
लगातार हो रही इस रुकावट का असर पूरे सिंध में सरकारी कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया पर भी पड़ा है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, एडमिशन, रजिस्ट्रेशन और दूसरे आधिकारिक कामों के लिए दफ्तर आने वाले शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों, स्कूल मालिकों और प्रिंसिपलों को लंबी देरी का सामना करना पड़ा है और कई लोगों को बिना ज़रूरी सेवाएँ पाए ही लौटना पड़ा है।
 
अधिकारियों ने आगे बताया कि बिजली संकट का असर दफ्तर की इमारत की तीनों मंजिलों पर पड़ा है। बिजली न होने से पंखे और एयर-कंडीशनिंग सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं, जिससे बहुत ज़्यादा गर्मी और काम करने के लिए असहज माहौल बन गया है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, इस वजह से कर्मचारियों को बाहर बैठकर अपना काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।