ट्रंप का दावा: 5 महीने से अमेरिका-ईरान युद्ध में कोई हताहत नहीं

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 07-11-2026
"Nobody hurt or killed in 5 months": Trump says US is not at war with Iran

 

वाशिंगटन, डीसी [US]

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ चल रहे टकराव को "युद्ध नहीं" बताया है। उनका दावा है कि वाशिंगटन ने तेहरान से निपटने में काफी प्रगति की है और वर्तमान में वे तनाव शुरू होने से पहले की तुलना में अधिक तेल निकाल रहे हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, "हमने ईरान के साथ काफी प्रगति की है। हम अब युद्ध से पहले की तुलना में अधिक तेल निकाल रहे हैं। यह कोई युद्ध नहीं है। इसे युद्ध कैसे कहा जा सकता है, जब पिछले पांच महीनों में कोई घायल नहीं हुआ, कोई मारा नहीं गया, या कोई अन्य अप्रिय घटना नहीं हुई? यह युद्ध नहीं है।" ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, और नए हवाई हमलों पर भी चर्चा चल रही है। हालांकि व्हाइट हाउस में सक्रिय सैन्य विकल्पों पर विचार-विमर्श चल रहा है, लेकिन ट्रम्प का मानना ​​है कि मौजूदा तनाव को 'युद्ध' नहीं कहा जा सकता। वहीं, तेहरान के साथ व्यापक तनाव क्षेत्र के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।
 
इसके अलावा, अमेरिकी नेता ने दावा किया कि क्षेत्रीय स्थिरता पूरी तरह से उनके प्रशासन द्वारा ईरान के परमाणु विकास को रोकने के लिए किए गए पिछले हस्तक्षेपों पर निर्भर है। अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर जारी एक बयान में, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने में उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप को सब जानते हैं, लेकिन जानबूझकर इस पर कम ध्यान दिया गया है। उन्होंने लिखा, "अगर मैंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से नहीं रोका होता, तो आज इज़राइल - और वास्तव में पूरा मध्य पूर्व - अस्तित्व में ही नहीं होता! कोई यह बात कहना नहीं चाहता, लेकिन हर कोई जानता है कि यह सच है!"
 
ट्रम्प ने ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले अभियानों को हमेशा एक बड़ी जीत के रूप में पेश किया है। वाशिंगटन और इज़राइली सेनाओं ने 2025 और 2026 के दौरान ईरान की परमाणु और सैन्य सुविधाओं पर भारी बमबारी की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था। फिर भी, तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को कितना नुकसान पहुंचा है, इसका पूरा आकलन अभी भी स्पष्ट नहीं है। अक्टूबर में प्रकाशित 'कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस' की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान की घरेलू हथियार निर्माण क्षमता पर इन हमलों का सटीक असर क्या पड़ा, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है। इस मूल्यांकन में पुरानी खुफिया जानकारी का भी जिक्र है, जिसके अनुसार तेहरान ने परमाणु उपकरण बनाने से परहेज किया था।
 
इस बीच, ईरानी अधिकारी लगातार परमाणु हथियार विकसित करने की किसी भी महत्वाकांक्षा से इनकार करते रहे हैं। उनका कहना है कि उनके देश का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से नागरिक (शांतिपूर्ण) उद्देश्यों के लिए है।