नासा का आर्टेमिस-2 यान ऐतिहासिक यात्रा के बाद अपने प्रक्षेपण स्थल पर लौटा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-04-2026
NASA's Artemis-2 spacecraft returns to its launch site after a historic journey
NASA's Artemis-2 spacecraft returns to its launch site after a historic journey

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर ले जाने वाला अंतरिक्ष यान उस स्थान पर वापस पहुंच गया है, जहां से उसकी यह ऐतिहासिक यात्रा शुरू हुई थी।

नासा का आर्टेमिस-2 कैप्सूल मंगलवार को फ्लोरिडा स्थित कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र लौट आया, जहां से लगभग एक महीने पहले उसने आधी सदी से अधिक समय में मनुष्य की पहली चंद्र यात्रा के लिए उड़ान भरी थी।
 
ओरियन कैप्सूल 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में सफलतापूर्वक उतरा था, जिसके बाद उसे सैन डिएगो से ट्रक के जरिए केप केनवरल लाया गया। इंजीनियर अगले वर्ष आर्टेमिस-3 मिशन के दौरान पृथ्वी की कक्षा में यानों को जोड़ने (डॉकिंग) के परीक्षण की तैयारी के लिए कैप्सूल की हीट शील्ड सहित सभी प्रणालियों की विस्तार से जांच करेंगे। कैप्सूल के इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स हटाकर दोबारा उपयोग में लाए जाएंगे, साथ ही अनुसंधान उपकरण भी निकाले जाएंगे।
 
अमेरिका-कनाडा के चालक दल द्वारा ‘‘इंटीग्रिटी’’ नाम दिया गया यह कैप्सूल अंतरिक्ष यात्रियों को अब तक मानव द्वारा तय की गई सबसे अधिक दूरी तक अंतरिक्ष में ले गया। नासा के अनुसार लगभग 10 दिन की इस यात्रा में कैप्सूल का प्रदर्शन अच्छा रहा।
 
कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन मिशन के बाद हुई चिकित्सीय जांचों के बाद अब आराम कर रहे हैं।
 
आर्टेमिस-2 से पहले आखिरी बार अंतरिक्ष यात्री 1972 में अपोलो 17 मिशन के दौरान चंद्रमा तक गए थे।
 
आर्टेमिस-3 के लिए एक नया कैप्सूल और नया चालक दल होगा। वे पृथ्वी की कक्षा में रहकर स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन द्वारा विकसित किए जा रहे चंद्र लैंडर के साथ डॉकिंग अभ्यास करेंगे। इसके बाद 2028 तक दो नए अंतरिक्ष यात्रियों के चंद्रमा पर उतरने का मार्ग प्रशस्त होगा।