नासा ने स्टारलाइनर को दोबारा सेवा में लाने के लिए तैयार किया चरणबद्ध रोडमैप

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 29-09-2026
NASA has prepared a phased roadmap to return Starliner to service.
NASA has prepared a phased roadmap to return Starliner to service.

 

वॉशिंगटन

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और बोइंग ने स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान को दोबारा परिचालन सेवा में लाने के लिए चरणबद्ध योजना तैयार की है। अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता ‘सुनी’ विलियम्स और बुच विल्मोर को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक ले जाने वाली उड़ान के दौरान तकनीकी समस्याएं सामने आने के बाद यह योजना बनाई गई है।

नासा की सोमवार को की गई घोषणा के अनुसार, स्टारलाइनर-1 मिशन को दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 में लॉन्च करने की योजना है। इस उड़ान में कोई अंतरिक्ष यात्री सवार नहीं होगा। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष यान में किए गए सुधारों की जांच करना और उसकी उड़ान से जुड़े जरूरी आंकड़े जुटाना है।

पहले बिना अंतरिक्ष यात्रियों के होगी उड़ान

नासा के प्रशासक जेरेड आइजैकमैन ने कहा कि एजेंसी सबसे पहले बिना चालक दल वाले स्टारलाइनर-1 मिशन के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक उड़ान भरेगी। इससे अंतरिक्ष यान में किए गए सुधारों को परखने और जरूरी तकनीकी आंकड़े जुटाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इस परीक्षण से मिले नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम की जांच करने वाली टीम की सिफारिशों के अनुसार सुधार लागू किए जाएंगे। इसके बाद चालक दल के साथ उड़ान भरने से पहले आवश्यक परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

आइजैकमैन के मुताबिक, फिलहाल योजना 2028 तक स्टारलाइनर-2 मिशन के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की है।

पांचवीं और छठी उड़ान की भी तैयारी

नासा ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की सेवा के लिए स्टारलाइनर की पांचवीं और छठी उड़ान के विकल्पों का इस्तेमाल करने की भी योजना बनाई है।

एजेंसी बोइंग और यूनाइटेड लॉन्च अलायंस के साथ मिलकर वल्कन रॉकेट को मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए प्रमाणित करने की दिशा में भी काम करेगी। यह प्रक्रिया एटलस-5 रॉकेट की अंतिम सेवानिवृत्ति उड़ान के बाद आगे बढ़ाई जाएगी।

स्टारलाइनर को दोबारा सेवा में लाने की यह योजना नासा के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ऐसे कई अमेरिकी अंतरिक्ष यानों की उपलब्धता बनाए रखना है, जो अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा तक ले जा सकें।

आइजैकमैन ने कहा कि नासा ने पिछली उड़ानों में सामने आई समस्याओं को दूर करने के लिए बोइंग के साथ मिलकर काम किया है। एजेंसी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन और भविष्य के वाणिज्यिक अंतरिक्ष ठिकानों के लिए इस अंतरिक्ष यान को फिर से उड़ान के योग्य बनाना चाहती है।

2024 की उड़ान के बाद शुरू हुई थी जांच

स्टारलाइनर की योजना में बदलाव 2024 में उसके पहले चालक दल वाले परीक्षण मिशन के बाद किया गया। उस मिशन में सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचे थे, लेकिन वापसी के समय तकनीकी जोखिमों को देखते हुए स्टारलाइनर को बिना अंतरिक्ष यात्रियों के पृथ्वी पर वापस लाया गया।

इसके बाद शुरू हुई जांच में भविष्य की उड़ानों को नासा के मानव अंतरिक्ष उड़ान मानकों के अनुरूप बनाने के लिए 61 अलग-अलग सिफारिशें की गईं।

जांचकर्ताओं ने पाया कि अंतरिक्ष यान के सर्विस मॉड्यूल में लगे रिएक्शन-कंट्रोल थ्रस्टर निर्धारित इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप काम नहीं कर रहे थे। इससे यान के नियंत्रण में गड़बड़ियां सामने आईं। बाद के जमीनी परीक्षणों में इन समस्याओं को तापमान संबंधी प्रभावों और सिस्टम के डिजाइन से जुड़े कारकों के संयुक्त असर से जोड़ा गया।

थ्रस्टर और अन्य उपकरणों में किए गए बदलाव

तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए बोइंग ने सर्विस मॉड्यूल में तापीय बदलाव किए हैं। स्टारलाइनर-1 की उड़ान के दौरान नासा इन सुधारों की बारीकी से जांच करेगी।

इसके अलावा, थ्रस्टर वाल्व को नए सिरे से डिजाइन किया गया है, ताकि सील से जुड़ी समस्याओं को कम किया जा सके। अंतरिक्ष यान में कई अन्य बदलाव भी किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • क्रू मॉड्यूल के थ्रस्टर में सुधार।

  • बैटरियों को अपडेट करना।

  • पैराशूट प्रणाली के डिजाइन में जरूरी बदलाव।

  • तापमान और प्रणोदन प्रणाली के प्रदर्शन का परीक्षण।

नासा के लो अर्थ ऑर्बिट प्रोग्राम की प्रबंधक डाना वीगल ने कहा कि स्टारलाइनर की अगली उड़ान पूर्ण प्रणाली प्रमाणन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पृथ्वी की निचली कक्षा में मानव की निरंतर मौजूदगी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

नासा ने स्टारलाइनर-1 को इंजीनियरिंग मूल्यांकन उड़ान के रूप में निर्धारित किया है। इस मिशन में तापीय परिस्थितियों, अंतरिक्ष यान के प्रदर्शन और शेष तकनीकी जोखिमों की जांच की जाएगी। चालक दल के साथ उड़ान दोबारा शुरू करने से पहले इन परीक्षणों के नतीजों का आकलन किया जाएगा।