लेबनान में इजरायल का सैन्य अभियान तेज, ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे के बाद बढ़ा तनाव

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 01-06-2026
Israel's Military Operation in Lebanon Intensifies; Tensions Rise Following Capture of Beaufort Castle
Israel's Military Operation in Lebanon Intensifies; Tensions Rise Following Capture of Beaufort Castle

 

नई दिल्ली/बेरूत:

दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायली सेना ने ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है, जिसके बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि सैन्य अभियान को और आगे बढ़ाया जाएगा। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहरा गई है।

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने किले पर कब्जे को अभियान में "नाटकीय बदलाव" बताते हुए कहा कि सेना अब उन क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मजबूत करेगी, जिन्हें हिज्बुल्लाह का प्रभाव क्षेत्र माना जाता रहा है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि इजरायली बल पहले से अधिक एकजुट और मजबूत होकर लौटे हैं तथा आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।

ब्यूफोर्ट किला, जिसे स्थानीय स्तर पर क़लाअत अल-शकीफ के नाम से जाना जाता है, दक्षिणी लेबनान की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सामरिक पहाड़ी पर स्थित है। वर्ष 2000 तक दक्षिणी लेबनान पर इजरायल के लंबे कब्जे के दौरान भी यह स्थान एक महत्वपूर्ण सैन्य चौकी के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।

दूसरी ओर, हिज्बुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने किले के आसपास मौजूद इजरायली सैनिकों को निशाना बनाया है। संगठन ने उत्तरी इजरायल के कई इलाकों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी हमले करने की बात कही है। इन हमलों के बाद कई क्षेत्रों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए।

संघर्ष बढ़ने के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने का फैसला किया गया है। यह बैठक फ्रांस के अनुरोध पर आयोजित की जा रही है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दक्षिणी लेबनान में बढ़ती सैन्य कार्रवाई पर चिंता व्यक्त करते हुए हिंसा को तत्काल रोकने की अपील की है।

मार्च की शुरुआत में शुरू हुए इस संघर्ष के बाद अप्रैल में संघर्षविराम की घोषणा की गई थी, लेकिन दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन के आरोप लगाते रहे हैं। परिणामस्वरूप सीमा क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।

इस बीच, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों के लिए नए निकासी आदेश जारी किए हैं। सेना का कहना है कि उसने हिज्बुल्लाह के दर्जनों ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। वहीं लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, टायर शहर के एक अस्पताल के निकट हुए हवाई हमले में कम से कम 13 स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए।

लगातार बमबारी और सैन्य कार्रवाई के कारण हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। विस्थापित परिवारों में भय और अनिश्चितता का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि उनके शहर और गांव भारी तबाही का सामना कर रहे हैं, जिससे घर लौटना फिलहाल संभव नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में व्यापक अस्थिरता का कारण बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक और संभावित शांति प्रयासों पर टिकी हुई है।