आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विश्व कप के सह मेजबान अमेरिका की पहल पर मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बढ़ने के कारण तीन महीने बाद होने वाली फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतियोगिता में ईरान का भाग लेना संदिग्ध है और ऐसी स्थिति में उसकी जगह इराक या यूएई को दी जा सकती है।
ईरान को विश्व कप के ग्रुप चरण के अपने तीनों मैच अमेरिका में खेलने हैं। उसे ग्रुप जी में रखा गया है और उसे इंग्लेवुड, कैलिफोर्निया में 15 जून को न्यूजीलैंड और 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ मैच खेलने हैं। इसके बाद वह 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ पहले दौर का अपना अंतिम मैच खेलेगा।
अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले किए। उसने 2022 विश्व कप के मेजबान कतर और सऊदी अरब सहित अमेरिका के सहयोगियों पर मिसाइलें दागीं। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा ने सऊदी अरब को विश्व कप 2034 के लिए मेजबान चुना है।
एशियाई फुटबॉल महासंघ के उपाध्यक्ष और ईरान के शीर्ष फुटबॉल अधिकारी मेहदी ताज ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से इस हमले के बाद हम विश्व कप में भाग लेने को लेकर उम्मीद की दृष्टि से नहीं देख सकते।’’
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान 11 जून से शुरू होने वाले विश्व कप के लिए अपनी टीम भेजेगा या नहीं या अमेरिका की सरकार उसकी टीम को अपने यहां आने से रोकेगी या नहीं। फीफा ने शनिवार से इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।