आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने शुक्रवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि Hormuz Strait सभी देशों के जहाजों के लिए खुला है, सिवाय उन देशों के जो ईरान के साथ युद्ध में हैं।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अराघची ने कहा कि क्षेत्र की स्थिति “बहुत जटिल” हो चुकी है, लेकिन ईरान ने सहयोगात्मक रुख बनाए रखा है। उन्होंने कहा, “Hormuz Strait उन सभी देशों के लिए खुला है जो हमारे साथ युद्ध में नहीं हैं। जो देश वहां से गुजरना चाहते हैं, उनकी मदद के लिए हम तैयार हैं।”
ईरानी विदेश मंत्री ने भरोसा दिलाया कि हालात सामान्य होने के बाद जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही क्षेत्र में आक्रामक गतिविधियां समाप्त होंगी, स्थिति फिर सामान्य हो जाएगी।
अराघची ने यह भी दावा किया कि Hormuz Strait पूरी तरह ईरान और ओमान के बीच स्थित है और वहां कोई अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब Hormuz Strait को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ी हुई है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है।
भारत दौरे पर आए अराघची ने 18वें BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापारिक सहयोग को लेकर चर्चा हुई।
अराघची ने कहा कि भारत और ईरान की चिंताएं और हित काफी हद तक समान हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश जहाजों की आवाजाही को लेकर करीबी समन्वय बनाए रखेंगे।
हालांकि, अमेरिकी नीति पर उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान को अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है। उनका आरोप था कि 40 दिनों के संघर्ष के बाद जब अमेरिका अपने उद्देश्यों में सफल नहीं हुआ, तब उसने बातचीत की पेशकश की।
गौरतलब है कि Hormuz Strait वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम समुद्री मार्ग है। ऐसे में वहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है।