ट्रंप की धमकी पर ईरान का जवाब, सेना पूरी तरह तैयार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 12-05-2026
Iran's Response to Trump's Threat: Military Fully Prepared
Iran's Response to Trump's Threat: Military Fully Prepared

 

तेहरान

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। ईरानी संसद के अध्यक्ष बगेर ग़ालिबफ़ ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कोई नया सैन्य हमला किया, तो ईरानी सेना उसका “मुंहतोड़ जवाब” देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ रुकी हुई परमाणु वार्ता को लेकर बेहद नाराज बताए जा रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप ने सोमवार, 11 मई को अपने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और जनरलों के साथ अहम बैठक की। माना जा रहा है कि इस बैठक में ईरान पर दबाव बढ़ाने और उसे समझौते के लिए मजबूर करने के विकल्पों पर चर्चा हुई। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ नए सैन्य कदम पर विचार कर सकता है।

अमेरिका की इन संभावित योजनाओं के बीच ईरान ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है। बगेर ग़ालिबफ़ ने कहा कि ईरान की ओर से रखी गई 14 सूत्री मांगें देश और वहां के नागरिकों के अधिकारों से जुड़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास इन मांगों को स्वीकार करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

ग़ालिबफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ईरान किसी भी नए आक्रमण का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। गलत रणनीति और गलत फैसले हमेशा गलत नतीजे लेकर आते हैं, और पूरी दुनिया यह देख चुकी है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं। अगर अमेरिका ने कोई गलत कदम उठाया तो वे खुद हैरान रह जाएंगे।”

ईरानी संसद अध्यक्ष ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि सैन्य दबाव और धमकियों की नीति कभी सफल नहीं होगी। उनके मुताबिक, इस तरह की कोशिशों से केवल असफलता ही हाथ लगेगी। उन्होंने कहा, “जितना अधिक समय वे इस रास्ते पर बर्बाद करेंगे, उतना ही अमेरिकी करदाताओं का पैसा भी बर्बाद होगा।”

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव मध्य-पूर्व में हालात को और गंभीर बना सकता है। पहले से ही क्षेत्र कई संघर्षों और राजनीतिक संकटों से जूझ रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का असर वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।

फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। दोनों देशों के बीच जारी बयानबाजी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।