ईरान की न्यायपालिका ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ फांसी की संकेत दिए

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 14-01-2026
Iran's judiciary has hinted at the possibility of death sentences for arrested protesters.
Iran's judiciary has hinted at the possibility of death sentences for arrested protesters.

 

दुबई

ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख घोलामहोसैन मोहसेनी-एजेई ने बुधवार को संकेत दिया कि देशभर में प्रदर्शन करने वाले गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ तेज़ न्यायिक सुनवाई और फांसी की कार्रवाई की जाएगी, भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए चेतावनी दी हो।

मोहसेनी-एजेई का यह बयान ईरानी राज्य टेलीविजन द्वारा ऑनलाइन साझा किए गए वीडियो में सामने आया। उन्होंने कहा, “यदि हमें कोई काम करना है, तो हमें उसे अभी करना होगा। यदि हमें कुछ करना है, तो वह तेज़ होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि अगर कार्रवाई में देरी हुई, चाहे दो या तीन महीने बाद, तो उसका प्रभाव उतना असरदार नहीं रहेगा। उनके शब्दों से स्पष्ट है कि ईरानी न्यायपालिका प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तत्काल और निर्णायक कार्रवाई करने पर केंद्रित है।

यह बयान सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी को चुनौती देता है। ट्रंप ने मंगलवार को सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में कहा था, “यदि उन्होंने ऐसा कुछ किया, तो हम बहुत सख्त कार्रवाई करेंगे। हम किसी भी तरह की अन्यायपूर्ण कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे और तुरंत कठोर कदम उठाएंगे।”

ईरान में पिछले कुछ महीनों से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिनमें सरकार के खिलाफ भारी नाराज़गी और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों में कई लोग गिरफ्तार हुए हैं और न्यायपालिका ने उनका तेज़ सुनवाई और कठोर दंड देने का संकेत दिया है। मोहसेनी-एजेई का बयान यह स्पष्ट करता है कि ईरान की सरकार प्रदर्शनकारियों को कड़ा संदेश देने के लिए कोई समय नहीं खोना चाहती।

विशेषज्ञ मानते हैं कि ईरानी न्यायपालिका का यह रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर राजनीतिक और कूटनीतिक चुनौतियां उत्पन्न कर सकता है। ट्रंप और अमेरिका ने पहले ही चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई की गई, तो अमेरिका तेज़ और सख्त कार्रवाई करेगा, जिसमें आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध भी शामिल हो सकते हैं।

इससे पहले ईरान ने प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों को “राज्य विरोधी तत्व” के रूप में चिन्हित किया है और उनका दावा है कि ये गतिविधियां देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा हैं। मोसेनी-एजेई ने अपनी टिप्पणी में दोहराया कि न्यायपालिका का उद्देश्य केवल देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखना है, और इसके लिए किसी भी हिचकिचाहट की गुंजाइश नहीं है।

इस प्रकार, ईरानी न्यायपालिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर और तेज़ न्यायिक कार्रवाई करेगी, जबकि अमेरिकी चेतावनी को नजरअंदाज करती दिख रही है। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।