दुबई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश में महंगाई और मुद्रा अवमूल्यन के खिलाफ प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 599 लोग मारे जा चुके हैं। मृतकों में 510 प्रदर्शनकारी और 89 सुरक्षा बल शामिल हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने बातचीत का प्रस्ताव दिया है, लेकिन अगर हिंसा और सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी जारी रही, तो अमेरिका को पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो अमेरिका “कल्पना से परे” जवाब देगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके प्रशासन के सामने सैन्य विकल्पों सहित कई सख्त कदमों पर विचार चल रहा है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विदेशी राजनयिकों से कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और हिंसा के लिए उन्होंने अमेरिका और इजराइल को दोषी ठहराया। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया। अराघची ने कहा कि ईरान कूटनीति का स्वागत करता है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत “आपसी हितों और चिंताओं की स्वीकृति पर आधारित होनी चाहिए, न कि एकतरफा।” वहीं, ओमान के माध्यम से हुई ईरानी यात्रा को मध्यस्थता का प्रयास माना जा रहा है।
सरकार के समर्थन में सोमवार को लाखों लोग सड़कों पर उतरे और 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के नेतृत्व को समर्थन दिया। प्रदर्शनकारी ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘इजराइल मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाते दिखे।
देश में इंटरनेट और फोन सेवाओं पर रोक के कारण विरोध-प्रदर्शनों की स्थिति का आकलन मुश्किल हो गया है। हाल के दो हफ्तों में 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि युवाओं और किशोरों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है और बैठक की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन देश में हालात पर नजर रखी जा रही है। ट्रंप के अनुसार, ईरान अमेरिका से लगातार प्रभावित होकर थक चुका है और बातचीत की पहल कर रहा है।