भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी बने ओहायो में रिपब्लिकन उम्मीदवार, गवर्नर रेस में बड़ी जीत

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 06-05-2026
Indian-American Vivek Ramaswamy Becomes Republican Nominee in Ohio, Securing a Major Victory in the Gubernatorial Race.
Indian-American Vivek Ramaswamy Becomes Republican Nominee in Ohio, Securing a Major Victory in the Gubernatorial Race.

 

कोलंबस (अमेरिका)

भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता Vivek Ramaswamy ने ओहायो के गवर्नर पद के लिए पार्टी की नामांकन दौड़ में बड़ी जीत हासिल कर ली है। सीबीएस न्यूज के अनुमानों के अनुसार, मंगलवार को हुए प्राइमरी चुनाव में रामास्वामी ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए रिपब्लिकन उम्मीदवार के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली।

अब नवंबर में होने वाले आम चुनाव में उनका मुकाबला डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार Amy Acton से होगा, जो ओहायो डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ की पूर्व निदेशक रह चुकी हैं। एक्टन ने बिना किसी विरोध के अपनी पार्टी का नामांकन हासिल किया, जिससे यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

रामास्वामी की इस जीत का रास्ता तब साफ हुआ जब कई बड़े दावेदार मैदान से हट गए। शुरुआती दौर में ओहायो के अटॉर्नी जनरल डेव योस्ट और पूर्व फुटबॉल कोच जिम ट्रेसल के चुनाव लड़ने की संभावना थी। लेकिन बाद में योस्ट ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली, खासकर तब जब रिपब्लिकन पार्टी और Donald Trump ने खुलकर रामास्वामी का समर्थन किया। वहीं, ट्रेसल ने चुनाव में उतरने का फैसला ही नहीं लिया, जिससे रामास्वामी के लिए रास्ता और आसान हो गया।

प्राइमरी चुनाव में रामास्वामी ने अपने प्रतिद्वंद्वी केसी पुट्श को आसानी से हराया, जो एक छोटे व्यवसायी हैं और “द कार गाइ” के नाम से जाने जाते हैं। इसके अलावा, मॉर्गन काउंटी की स्कूल बोर्ड सदस्य हीदर हिल भी चुनाव मैदान में थीं, लेकिन ओहायो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार उनके वोटों की गिनती नहीं की गई। दरअसल, उनके रनिंग मेट के नाम वापस लेने के कारण वे कानूनी रूप से अयोग्य हो गई थीं।

विवेक रामास्वामी का राजनीतिक उदय तेजी से हुआ है। 2024 में रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा नाम बनकर उभरे। इसके बाद वे Donald Trump के करीबी सहयोगी बन गए और उन्हें “डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE)” का सह-नेतृत्व करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी, जहां वे Elon Musk के साथ काम कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद ही इस पद को छोड़ दिया, ताकि वे गवर्नर पद की दौड़ पर पूरा ध्यान दे सकें।

आर्थिक रूप से भी रामास्वामी का अभियान काफी मजबूत नजर आ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 2026 की शुरुआत में 5 मिलियन डॉलर जुटाए हैं और अपनी ओर से 25 मिलियन डॉलर का व्यक्तिगत ऋण भी दिया है। इस तरह उनके पास कुल लगभग 30 मिलियन डॉलर का फंड मौजूद है। इसके मुकाबले, उनकी प्रतिद्वंद्वी एमी एक्टन ने 5.1 मिलियन डॉलर जुटाए हैं, जिनमें से 3 मिलियन डॉलर उनके पास सुरक्षित हैं।

रामास्वामी को ओहायो के प्रभावशाली नेताओं का भी समर्थन मिला है। उपराष्ट्रपति JD Vance, जो ओहायो के निवासी हैं, ने भी सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन में मतदान करने की पुष्टि की है।

अब यह मुकाबला नवंबर के आम चुनाव में एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक जंग का रूप ले चुका है। रामास्वामी मौजूदा गवर्नर Mike DeWine की जगह लेना चाहते हैं, जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। गौरतलब है कि 2024 के चुनाव में Donald Trump ने ओहायो में 11 अंकों से जीत दर्ज की थी, जिससे यह राज्य रिपब्लिकन के लिए मजबूत माना जाता है।

कुल मिलाकर, भारतीय मूल के इस नेता की जीत न केवल अमेरिकी राजनीति में उनकी बढ़ती पकड़ को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि आने वाले चुनाव में मुकाबला बेहद रोचक और निर्णायक होने वाला है।