न्यूयॉर्क/बुखारेस्ट
यूरोप के देश Romania में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, जहां संसद में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद सरकार गिर गई है। प्रधानमंत्री Ilie Bolojan के नेतृत्व वाली यूरोपीय संघ समर्थक गठबंधन सरकार को मंगलवार को करारी हार का सामना करना पड़ा, जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता के साथ-साथ आर्थिक संकट की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं।
संसद में लंबी बहस के बाद हुए मतदान में 281 सांसदों ने सरकार के खिलाफ वोट किया, जबकि केवल चार सांसद ही इसके समर्थन में खड़े नजर आए। इस भारी बहुमत से पारित अविश्वास प्रस्ताव ने सरकार को तुरंत प्रभाव से सत्ता से बाहर कर दिया।
इस प्रस्ताव को वामपंथी Social Democratic Party (पीएसडी) और धुर दक्षिणपंथी Alliance for the Unity of Romanians (एयूआर) ने मिलकर पेश किया था। गौरतलब है कि पीएसडी ने अप्रैल के अंत में ही सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था, जिससे गठबंधन पहले ही कमजोर हो चुका था।
प्रधानमंत्री की पार्टी National Liberal Party (पीएनएल) और उसके सहयोगी—सेव रोमानिया यूनियन तथा हंगेरियन अल्पसंख्यक पार्टी यूडीएमआर—ने इस मतदान में भाग नहीं लिया। इस राजनीतिक रणनीति ने सरकार को बचाने की संभावनाओं को और कमजोर कर दिया।
सरकार के गिरने के साथ ही देश में आर्थिक अनिश्चितता भी बढ़ गई है। निवेशकों के बीच चिंता का माहौल है कि क्या रोमानिया अपने बढ़ते बजट घाटे को नियंत्रित कर पाएगा। मतदान से पहले ही देश की मुद्रा ‘ल्यू’ यूरो के मुकाबले अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी, जो आर्थिक अस्थिरता का संकेत है।
यह गठबंधन सरकार महज 10 महीने पहले सत्ता में आई थी, जिसका उद्देश्य धुर दक्षिणपंथी ताकतों के बढ़ते प्रभाव को रोकना और देश की आर्थिक स्थिति को सुधारना था। हालांकि, सरकार की मितव्ययिता नीतियों ने आम जनता और कई राजनीतिक दलों के बीच असंतोष पैदा कर दिया। इसी असंतोष के चलते पीएसडी और प्रधानमंत्री के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी रही।
प्रधानमंत्री बोलोजन ने अविश्वास प्रस्ताव को “निंदनीय और बनावटी” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव उन लोगों द्वारा तैयार किया गया है, जो सरकार के दैनिक कार्यों में शामिल नहीं हैं और न ही जिम्मेदार निर्णय लेने में भाग लेते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार गिरने के बाद देश को आगे कैसे चलाया जाएगा और क्या विपक्ष के पास कोई ठोस योजना है।
अब देश के राष्ट्रपति Nicusor Dan नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि वे सभी राजनीतिक दलों से बातचीत कर एक नया गठबंधन बनाने की कोशिश करेंगे। चर्चा यह भी है कि किसी तकनीकी विशेषज्ञ या पीएनएल के नए नेता के नेतृत्व में फिर से यूरोपीय संघ समर्थक सरकार बनाई जा सकती है।
हालांकि, पीएसडी ने संकेत दिया है कि यदि नेतृत्व में बदलाव होता है, तो वह फिर से गठबंधन में शामिल हो सकती है। इसके विपरीत, पीएनएल फिलहाल पीएसडी के साथ दोबारा गठबंधन करने के पक्ष में नहीं दिख रही है, हालांकि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता समझौते की वकालत कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, रोमानिया इस समय गहरे राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या देश में स्थिर सरकार बन पाती है या यह अस्थिरता आर्थिक हालात को और बिगाड़ देती है।