भारत रूस के लिए बहुत बड़ा बाजार : तात्याना मिनुलिना

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 15-10-2026
India is a huge market for Russia; contacts between businesspeople from both countries have increased: Tatyana Minulina
India is a huge market for Russia; contacts between businesspeople from both countries have increased: Tatyana Minulina

 

कजान (रूस)

रूस के तातारस्तान निवेश विकास एजेंसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी तालिया मिनुलिना ने कहा है कि भारत रूसी कारोबारियों के लिए एक बहुत बड़ा बाजार है और यहां व्यापार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने भारत और रूस के कारोबारियों के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ाने, संयुक्त उद्यम स्थापित करने और द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

समाचार एजेंसी एएनआई से बुधवार को दूसरे रूस-भारत बिजनेस फोरम ‘तातारस्तान इनिशिएटिव म्यूचुअल एफिशिएंसी’ (TIME) के मौके पर बातचीत करते हुए मिनुलिना ने कहा कि यह वार्षिक मंच रूस के विभिन्न क्षेत्रों और भारत के राज्यों के बीच कारोबारी संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा, “रूस-भारत बिजनेस फोरम TIME वार्षिक आधार पर दोनों देशों के बीच कारोबारी स्तर पर आयोजित होने वाले सबसे बड़े आयोजनों में से एक है। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में रूस के क्षेत्रों और भारत के राज्यों के बीच संबंधों को मजबूत करना है।”

छह महीने में एक अरब डॉलर से अधिक का कारोबार

मिनुलिना ने भारत को रूसी कंपनियों के लिए अवसरों से भरा बाजार बताते हुए उम्मीद जताई कि इस मंच के माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यापार का कारोबार बढ़ेगा और नई व्यावसायिक साझेदारियां विकसित होंगी।

उन्होंने कहा, “भारत एक बहुत बड़ा बाजार है और यहां रूसी कारोबारियों के लिए काफी अवसर हैं। मुझे विश्वास है कि यह मंच भारत और रूस के बीच व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ नई पहलों और संयुक्त उद्यमों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”

उन्होंने रूस के तातारस्तान गणराज्य और भारत के बीच व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, पिछले साल दोनों के बीच व्यापार का कुल मूल्य लगभग 30 करोड़ डॉलर था, जबकि 2026 के शुरुआती छह महीनों में यह एक अरब डॉलर से अधिक हो गया।

मिनुलिना ने कहा, “पिछले साल हमने इस मंच की शुरुआत की थी और उस समय तातारस्तान तथा भारत के बीच कारोबार 30 करोड़ डॉलर था। इस साल 2026 के केवल छह महीनों में यह एक अरब डॉलर से अधिक हो गया है। इस तरह इसमें तीन गुना से भी ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है।”

कारोबारियों के बीच सीधा संपर्क बढ़ाने पर जोर

मिनुलिना ने कहा कि भारत और रूस के बीच व्यापारिक सहयोग को और प्रभावी बनाने के लिए कारोबारियों के बीच सीधे संपर्क और बाजार से जुड़ी जानकारी का आदान-प्रदान बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने भारतीय राज्यों के बारे में अधिक जानकारी हासिल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उनके मुताबिक, जब दोनों देशों के कारोबारी एक-दूसरे के बाजार, जरूरतों और अवसरों को बेहतर ढंग से समझेंगे, तो इससे दोनों पक्षों को लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि व्यापारिक संपर्कों के विस्तार के साथ-साथ लोगों को एक-दूसरे के कारोबारी माहौल से परिचित कराना भी जरूरी है।

सिनेमा से क्रिकेट तक, करीब 50 कार्यक्रम आयोजित

मिनुलिना ने बताया कि भारत और रूस के बीच आर्थिक तथा सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए लगभग 50 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनमें भारतीय सिनेमा महोत्सव, क्रिकेट मैच, शतरंज प्रतियोगिताएं, सम्मेलन, कारोबारी सत्र और औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा शामिल है।

उन्होंने कहा कि तातारस्तान में भारत के साथ सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए क्रिकेट महासंघ भी स्थापित किया गया है। इसके अलावा, भारत के विभिन्न राज्यों से मीडिया प्रतिनिधियों को रूस आमंत्रित किया गया, ताकि भारतीय कारोबारियों को रूसी बाजार में उपलब्ध अवसरों की जानकारी मिल सके।

आर्थिक संबंधों को राजनीतिक दायरे से आगे ले जाने की पहल

कजान में भारत के महावाणिज्यदूत जैसुंधर देवीप्रसाद ने भी दूसरे भारत-रूस बिजनेस फोरम के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय और रूसी कारोबारियों को एक-दूसरे के साथ बातचीत करने तथा कारोबारी संभावनाओं को तलाशने का अवसर देना है।

उन्होंने कहा कि कजान और तातारस्तान रूस के तेजी से विकसित हो रहे और समृद्ध क्षेत्रों में शामिल हैं। इसी कारण यहां इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं, ताकि भारतीय कारोबारी रूसी कंपनियों से सीधे संपर्क स्थापित कर सकें।

महावाणिज्यदूत के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल मौजूदा संबंधों को मजबूत करना नहीं, बल्कि नए अवसरों की पहचान करके दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को और व्यापक बनाना भी है।

उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग को राजनीतिक संबंधों तक सीमित रखने के बजाय आर्थिक रिश्तों के विस्तार पर भी ध्यान देने की जरूरत है। बिजनेस फोरम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक साझेदारी को नई गति दे सकता है।