Trump administration shortens deadline to appeal refugee status revocation, raising fears of deportation
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने शरणार्थियों के उनका दर्जा समाप्त किए जाने के खिलाफ अपील करने की समयसीमा घटा दी है। आलोचकों का कहना है कि इस कदम से अपने देशों में उत्पीड़न और युद्ध के कारण भागकर आए हजारों लोगों के निर्वासन का रास्ता खुल सकता है।
बुधवार से लागू हुई नई नीति के तहत शरणार्थियों को अपना दर्जा रद्द किए जाने को चुनौती देने के लिए मिलने वाली समयसीमा 30 दिन से घटाकर 10 दिन कर दी गई है। यह शरणार्थियों के लिए दशकों से चले आ रहे पुनर्वास कार्यक्रम को सीमित करने और उसका स्वरूप बदलने के ट्रंप प्रशासन के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
नीति दस्तावेज के अनुसार, इसका उद्देश्य ऐसे लोगों से जुड़े संभावित जोखिमों को कम करना है, जिन्हें शरणार्थी के रूप में अमेरिका में प्रवेश दिया गया, लेकिन जो इस दर्जे के पात्र नहीं थे।
नीति में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इससे कितने लोग प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, इसमें पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में अमेरिका आए शरणार्थियों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उस दौरान शरणार्थी कार्यक्रम की विश्वसनीयता में चिंताजनक गिरावट आई। शरणार्थियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन इस दावे से असहमत हैं।
ट्रंप प्रशासन पहले ही बाइडन के कार्यकाल में अमेरिका आए कम से कम एक लाख 85 हजार शरणार्थियों के मामलों की समीक्षा कर रहा है। इन लोगों के ग्रीन कार्ड के आवेदन अब भी लंबित हैं।