बुडापेस्ट
हंगरी के प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशक बेला टार का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। 'सातंतंगो' और 'द ट्यूरिन हॉर्स' जैसी फिल्में बनाने वाले टार को दुनिया भर में उनकी डार्क कॉमेडी और गहन सिनेमाई शैली के लिए जाना जाता था। चार दशक से अधिक समय तक उन्होंने फिल्म निर्माण में सक्रिय रहते हुए यूरोप और एशिया के कई प्रमुख फिल्म समारोहों में पुरस्कार प्राप्त किए। इसके अलावा, उन्हें चीन के विश्वविद्यालयों में मानद प्रोफेसरशिप से सम्मानित किया गया।
हंगेरियन फिल्ममेकर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर टार की मृत्यु की पुष्टि करते हुए कहा, "गहरे दुख के साथ हम घोषणा करते हैं कि लंबी और गंभीर बीमारी के बाद, फिल्म निर्देशक बेला टार का आज सुबह निधन हो गया।"
बेला टार की फिल्मों की पहचान लंबे, सम्मोहक दृश्यों, धीमी गति वाली पटकथाओं और चरित्रों के मानसिक परिदृश्य को दर्शाने वाले अनूठे दृष्टिकोण से होती थी। उनकी शैली ने दर्शकों को धैर्य और गहराई से कहानी में डूबने का अनुभव कराया। उनकी फिल्मों में मानव मन के अंधकार और हास्य के बीच का संतुलन बहुत ही प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया।
1970 और 1980 के दशक में टार की फिल्मों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हंगरी की सिनेमा की पहचान को मजबूती दी। उनकी चर्चित फिल्म 'सातंतंगो' को विश्व सिनेमा के इतिहास में सबसे प्रभावशाली और लंबी फिल्मों में से एक माना जाता है। इसके अलावा 'द ट्यूरिन हॉर्स' ने टार को एक नए युग के सिनेमाई प्रयोगों के निर्देशक के रूप में स्थापित किया।
बेला टार ने अपने करियर में न केवल निर्देशक के रूप में बल्कि पटकथा लेखक और निर्माता के रूप में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके कार्य ने आने वाली पीढ़ियों के फिल्म निर्माताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहना जारी रखा।उनके निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। आलोचक, फिल्म निर्माता और दर्शक उनकी कला, दृष्टिकोण और सिनेमाई भाषा को याद करते हुए उन्हें सिनेमा के इतिहास में एक अमिट स्थान देंगे।
बेला टार की फिल्मों ने यह सिद्ध कर दिया कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि मानव मन की गहराई और सामाजिक व्यंग्य को व्यक्त करने का माध्यम भी हो सकता है। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।






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