रूपपुर परमाणु संयंत्र में ईंधन भराई शुरू

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 28-04-2026
Fuel loading begins at Rooppur Nuclear Power Plant.
Fuel loading begins at Rooppur Nuclear Power Plant.

 

नई दिल्ली

बांग्लादेश ने अपने सबसे बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट की दिशा में एक अहम कदम बढ़ा दिया है। रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में ईंधन भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह काम देश के पाबना जिले के ईश्वरदी उपजिला में स्थित प्लांट में किया जा रहा है।

इस प्रक्रिया की शुरुआत के साथ ही संयंत्र के संचालन की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह पूरा काम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के दिशा निर्देशों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और तकनीकी मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

सरकार की योजना के मुताबिक इस साल अगस्त तक इस संयंत्र से करीब 300 मेगावाट बिजली राष्ट्रीय ग्रिड में जोड़ी जा सकती है। अगर यह लक्ष्य पूरा होता है तो बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान के बाद परमाणु ऊर्जा उत्पादन करने वाला तीसरा देश बन जाएगा।

यह परियोजना रूस की तकनीकी और वित्तीय मदद से तैयार की जा रही है। इसकी कुल लागत करीब 12 अरब डॉलर बताई जा रही है। प्लांट में अलग अलग यूनिट के जरिए चरणों में बिजली उत्पादन शुरू किया जाएगा।

जब यह संयंत्र पूरी क्षमता से काम करने लगेगा तब यह करीब 2400 मेगावाट बिजली पैदा करेगा। यह बांग्लादेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

यह संयंत्र पद्मा नदी के किनारे बनाया गया है। इसकी लोकेशन और डिजाइन दोनों को इस तरह तैयार किया गया है कि यह लंबे समय तक सुरक्षित और स्थिर तरीके से काम कर सके।

हाल ही में बांग्लादेश सरकार ने संकेत दिए थे कि इस साल के भीतर ही परमाणु बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा। देश इस समय ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति का असर ईंधन आपूर्ति पर पड़ा है।

अधिकारियों के मुताबिक इस साल के अंत तक कम से कम एक यूनिट से बिजली सप्लाई शुरू हो जाएगी। इससे देश में बिजली की कमी को कम करने में मदद मिलेगी और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।

16 अप्रैल को बांग्लादेश परमाणु ऊर्जा नियामक प्राधिकरण ने इस संयंत्र की पहली यूनिट को संचालन की अनुमति भी दे दी थी। यह लाइसेंस बांग्लादेश परमाणु ऊर्जा आयोग को सौंपा गया।

अब ईंधन भरने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अगले तीन महीनों में बिजली उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद परीक्षण और क्षमता बढ़ाने का काम होगा।

 

सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर तक संयंत्र अपनी पूरी क्षमता के करीब पहुंच जाए। इस प्रोजेक्ट को बांग्लादेश के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे देश को स्थायी और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।