England halt Mexico's unbeaten run at the Estadio Azteca to reach the quarter-finals
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इंग्लैंड की एस्टाडियो एज़्टेका स्टेडियम से कुछ कड़वी यादें जुड़ी थी जबकि मैक्सिको विश्व कप में हमेशा यहां से सुखद अनुभूति के साथ ही लौटा था लेकिन रविवार को इसका उल्टा हो गया।
इंग्लैंड ने मैक्सिको को अंतिम 16 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में 3-2 से पराजित करके विश्व कप फुटबॉल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
जूड बेलिंगहैम ने 98 सेकंड के अंतराल में दो गोल किए और हैरी केन ने पेनल्टी को तब गोल में बदला जब इंग्लैंड 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रहा था। इससे इंग्लैंड ने इस स्टेडियम में मैक्सिको को विश्व कप में पहली हार का स्वाद चखाया।
इंग्लैंड सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए शनिवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स में नॉर्वे का सामना करेगा।
यह वही स्टेडियम है जहां 1986 के विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में डियागो माराडोना के कुख्यात ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल और ‘सदी के सर्वश्रेष्ठ गोल’ की बदौलत अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को हराया था। बेलिंगहैम और केन ने 40 साल बाद अब यहां से इंग्लैंड की अच्छी यादें जोड़ दी।
केन ने मैच के बाद कहा,‘‘यह बेहद रोमांचक मैच था। हमने उन्हें कड़ी टक्कर दी। भावनाएं हावी हैं और मैं ठीक से बोल नहीं पा रहा हूं। परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं थी लेकिन इसके बावजूद हमने जीत का तरीका ढूंढ लिया।’’
बेलिंगहैम ने 80,000 से अधिक दर्शकों को उस स्टेडियम में चौंका दिया, जहां मैक्सिको 10 विश्व कप मैचों में अपराजित रहा था, जिसमें इस साल के तीन मैच भी शामिल हैं। उन्होंने 36वें मिनट में हेडर से गोल किया और फिर केन के पास पर 38वें मिनट में दूसरा गोल दागा।
जूलियन क्विनोनेस ने 42वें मिनट में मैक्सिको के लिए गोल किया। इसके बाद तब मैच का रुख मैक्सिको के पक्ष में मुड़ता नजर आ रहा था जब इंग्लैंड के जारेल क्वानसाह को 54वें मिनट में जीसस गैलार्डो पर खतरनाक फाउल करने के लिए मैदान से बाहर भेज दिया गया।
लेकिन मैक्सिको के गोलकीपर राउल रेंगल की गलती के चलते इंग्लैंड को पेनल्टी मिली और केन ने इसे गोल में तब्दील करते हुए टूर्नामेंट का अपना छठा और विश्व कप करियर का 14वां गोल दागा।
इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम जर्मनी के गेर्ड मुलर की बराबरी करते हुए विश्व कप में गोल करने वालों की सूची में पांचवां स्थान हासिल कर लिया। केन के इस टूर्नामेंट में छह गोल हो गए हैं और ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में वह लियोनेल मेस्सी, काइलियन एमबाप्पे और एर्लिंग हालैंड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं।